Nag Panchami Remedies 2024 : सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि नाग देवता को समर्पित माना गया है।शास्त्रों में वर्णित कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से कालसर्प और पितृ दोष से छुटकारा मिलेगा।
पढ़ें :- Kailash Mansarovar Yatra 2026 : कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले जत्थे को नाथुला दर्रा से किया गया रवाना , तीर्थयात्रियों ने लगाए बम बम के नारे
तिल के तेल का दीपक
नाग पंचमी के दिन तिल-तेल के दीपक का विशेष महत्व है। चूंकि, तिल-तेल का संबंध पितरों से होता है। इसलिए, नाग पंचमी के दिन तिल के तेल का दिया जलाने से पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि पितरों तक भोजन पहुंचाने में तिल का खास महत्व है। इसके बिना पितरों के निमित्त किया गया कोई भी दान पूरा नहीं होता।
तिल का दीपक जलाने से क्या लाभ होगा
धर्म-शास्त्रों के अनुसार, तिल के बिना पितरों के निमित्त किया गया काम अधूरा होता है। इसलिए, पितरों की पूजा में तिल का प्रयोग किया जाता है। मान्यता है कि तिल से पितृ देवता प्रसन्न होते हैं। पितृ देव की प्रसन्नता से कुंडली का पितृ दोष खत्म हो जाता है। अगर, कुंडली में पितृ दोष है तो नाग पंचमी के दिन तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं।