Ram Mandir Donation Embezzlement Case : अयोध्या श्री राम मंदिर के चंदा चोरी मामले को लेकर फैजाबाद एडवोकेट्स एसोसिएशन की बैठक में बड़ा फैसला किया गया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि इस मामले में कोई भी वकील आरोपी का पक्ष नहीं रखेगा और अगर कोई ऐसा करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।”
पढ़ें :- SC राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुनवाई के लिए तैयार, चंपत राय और अनिल मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अयोध्या में वकीलों के साथ बैठक के बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने पत्रकारों से कहा, “कोई भी वकील आरोपी का पक्ष नहीं रखेगा। अगर कोई वकील उनका पक्ष रखता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे; चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए CrPC की धारा 173 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। CBI जांच की मांग की जाएगी… ज़रूरत पड़ने पर, अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी…”
अयोध्या बार एसोसिएशन के ऐलान के बाद इस मामले में आठों आरोपियों को अदालत में कानूनी प्रतिनिधित्व मिलने में मुश्किल आ सकती है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और जांच एजेंसियां आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
फैजाबाद ( अयोध्या ) बॉर एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि कोई अधिवक्ता चढ़ावा चोरों का केस नहीं लड़ेगा…
साथ ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तीन दिन का अल्टीमेटम भी दिया है कि अयोध्या छोड़ दें वरना पूरा अयोध्या जाम कर देंगे वकील!!
पढ़ें :- 'मैं खड़ी रही, पूजा नहीं करने दी...' पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी और BJP MLA जयदेवी कौशल ने जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप
सरकार के बस का अब कुछ भी नहीं है, जनता तो ही… pic.twitter.com/OuvGAIUSYZ
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) June 29, 2026
गौरतलब है कि विपक्षी नेताओं और कई मीडिया आउटलैट्स ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की सिफ़ारिश पर योगी सरकार ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। वहीं, शुरुआती जांच के बाद आठ आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस आरोपियों के घर छापेमारी कर रही है। जांच में दान गणना केंद्र से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।