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बसपा के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह का निधन, मायावती ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

BSP's lone MLA Uma Shankar Singh passes away : बसपा के वरिष्ठ नेता और पांच बार विधायक रहे उमा शंकर सिंह का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। वह पूर्वांचल में पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक थे और उन्होंने बलिया ज़िले की रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मायावती ने कहा कि उमा शंकर सिंह ने अपनी हर ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया।

By Abhimanyu 
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BSP’s lone MLA Uma Shankar Singh passes away : बसपा के वरिष्ठ नेता और पांच बार विधायक रहे उमा शंकर सिंह का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। वह पूर्वांचल में पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक थे और उन्होंने बलिया ज़िले की रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मायावती ने कहा कि उमा शंकर सिंह ने अपनी हर ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया।

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उत्तर-प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान वरिष्ठ बसपा नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए; उनके निधन को पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति बताया गया है। मायावती ने कहा, “बसपा में शामिल होने के बाद से ही उमा शंकर सिंह ने पूरी ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ पार्टी की सेवा की। उन्होंने अपनी हर ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। बसपा में रहते हुए वे न केवल अपने चुनाव क्षेत्र, बल्कि पूरे समाज के प्रति भी समर्पित रहे।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा, “वे हमारी पार्टी के सच्चे समर्पित नेता थे। लंबी बीमारी के बाद कल उनके निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके पूरे परिवार और सभी रिश्तेदारों के साथ हैं। भले ही वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन मैं उनके परिवार से कहना चाहूंगी कि उमा शंकर सिंह ने जीवन भर ईमानदारी की मिसाल पेश की। सरकारें बदलीं, राजनीतिक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं किया। सच्चे अर्थों में, वे मुझे अपनी सगी बहन मानते थे।”

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