हरिद्वार नगर निगम ने धर्मनगरी को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए इस बार एक अनूठी और आधुनिक पहल की है। जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वच्छता को दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने 'ड्रोन आधारित रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली' की शुरुआत की है। इस तकनीक की मदद से कांवड़ मार्गों और गंगा घाटों पर कचरे की निगरानी की जा रही है।
हरिद्वार। हरिद्वार नगर निगम ने धर्मनगरी को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए इस बार एक अनूठी और आधुनिक पहल की है। जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वच्छता को दुरुस्त रखने के लिए नगर निगम ने ‘ड्रोन आधारित रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली’ की शुरुआत की है। इस तकनीक की मदद से कांवड़ मार्गों और गंगा घाटों पर कचरे की निगरानी की जा रही है।
झाड़ियों और डिवाइडरों के पीछे छिपे कचरे पर पैनी नजर
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया है कि अधिक भीड़ होने के कारण कई बार मानवीय रूप से हर जगह की निगरानी संभव नहीं हो पाती। ड्रोन की मदद से कांवड़ पटरी, सड़कों के डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे और झाड़ियों में छिपे उस कचरे को आसानी से पता किया जा रहा है, जहां सफाई कर्मचारियों की नजर नहीं पहुंच पाती। साथ ही कांवड़ मार्ग पर घूमने वाले आवारा पशुओं की लोकेशन का पता लगाने में भी यह तकनीक मददगार साबित हो रही है।
व्हाट्सएप कमांड ग्रुप से रीयल-टाइम एक्शन
नगर निगम ने स्वच्छता अभियान को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया है। इस प्रणाली के तहत लोकेशन शेयरिंग की जाती है। इसकी मदद से ड्रोन कैमरे में जैसे ही कहीं कचरे का ढेर दिखता है, ड्रोन ऑपरेटर तुरंत उस स्थान की जियो-टैग फोटो और लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करते हैं। लोकेशन का पता लगते ही ग्रुप में मौजूद संबंधित जोन प्रभारी और सफाई निरीक्षक तुरंत मौके पर सफाई टीम को रवाना करते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं सफाई पूरी होने के बाद कर्मचारियों को सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें ग्रुप में अपलोड करनी होती हैं, जिससे काम की जवाबदेही तय हो सके।
1,000 से अधिक अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात
हरिद्वार नगर आयुक्त के मुताबिक, इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मेला क्षेत्र में 1,000 से अधिक अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए घाटों पर ‘स्वच्छता दूत’ (Cleanliness Ambassador) लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार तीर्थयात्रियों को लगातार जागरूक कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखने के लिए नाइट-विजन से लैस सुरक्षा ड्रोन और 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं।