देहरादून नंदा की चौकी के पास बना नया पुल पहली मानसून की बारिश भी नहीं झेल पाया। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया गया था। बारिश के बीच पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नये पुल में धंसाव आ गया है।
नई दिल्ली। देहरादून नंदा की चौकी के पास बना नया पुल पहली मानसून की बारिश भी नहीं झेल पाया। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया गया था। बारिश के बीच पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नये पुल में धंसाव आ गया है। करीब 16 करोड़ की लागत से बने इस पुल को हाल ही में शुरू किया गया था, लेकिन पहली ही बरसात में पुल के एक हिस्से में भारी क्षति हो गई।
मार्च 2026 में पुल के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया
इसी महीने 11 जुलाई की रात टौंस नदी के उफान ने ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई अस्थाई पुलिया को बहा दिया था, जिससे इलाके का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बचा काम निपटाकर 12 जुलाई से ही नवनिर्मित मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी थी। लेकिन 17 दिनों में ही पुल में धंसाव आ गया। अब इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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उत्तराखंड के देहरादून में 16 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका
कांग्रेस पार्टी ने वीडियो व फोटो पोस्ट रक लिखा कि फ्रेंड्स, BJP सरकार का भ्रष्टाचार देख लीजिए। उत्तराखंड के देहरादून में 16 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका। शायद इसे ‘ब्लैकहोल टेक्नोलॉजी’ से बनाया गया होगा, लेकिन इससे ये तो साफ है कि नरेंद्र मोदी और उनके नेताओं का पूरा फोकस सिर्फ घपलेबाजी पर है। जनता मरे या जिए- इन लोगों को फर्क नहीं पड़ता।
फ्रेंड्स, BJP सरकार का भ्रष्टाचार देख लीजिए 👇🏼
उत्तराखंड के देहरादून में 16 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका।
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शायद इसे ‘ब्लैकहोल टेक्नोलॉजी’ से बनाया गया होगा।
लेकिन इससे ये तो साफ है कि नरेंद्र मोदी और उनके नेताओं का पूरा फोकस सिर्फ घपलेबाजी पर है।
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