नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लोको पायलटों की समस्या को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, लोको पायलटों की बुनियादी मांगें थीं-काम के घंटे तय हों और बेहतर माहौल मिले। लेकिन सरकार ने सिर्फ दिखावे के लिए कमेटी बना दी, समाधान की कोई मंशा नहीं थी।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, पिछले साल जब मैं रेलवे के लोको पायलटों से मिला, तो उनकी स्थिति जानकर गहरी चिंता हुई थी, 14-14 घंटे की शिफ्ट, लगातार रात की ड्यूटी, न पर्याप्त आराम, न खाने का ब्रेक और न शौचालय की सुविधा। हादसों के बाद रेलवे ‘मानवीय चूक’ कहकर पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन यह नहीं बताता कि कर्मचारियों से कैसे अमानवीय तरीके से काम लिया जाता है।
पिछले साल जब मैं रेलवे के लोको पायलटों से मिला, तो उनकी स्थिति जानकर गहरी चिंता हुई थी — 14-14 घंटे की शिफ्ट, लगातार रात की ड्यूटी, न पर्याप्त आराम, न खाने का ब्रेक और न शौचालय की सुविधा।
हादसों के बाद रेलवे 'मानवीय चूक' कहकर पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन यह नहीं बताता कि… pic.twitter.com/BWXuQm48KQ
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 17, 2025
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उन्होंने आगे लिखा, उनकी बुनियादी मांगें थीं-काम के घंटे तय हों और बेहतर माहौल मिले। लेकिन सरकार ने सिर्फ दिखावे के लिए कमेटी बना दी, समाधान की कोई मंशा नहीं थी। अब खाना और टॉयलेट ब्रेक जैसी मांगें भी यह कहकर ठुकरा दी गई हैं कि “यह व्यावहारिक नहीं है।”
राहुल गांधी न आगे लिखा, ये न सिर्फ लोको पायलटों के साथ अन्याय है, बल्कि उन करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है जो ट्रेनों से सफर करते हैं। यह न्याय की लड़ाई है और हम इसमें लोको पायलटों के साथ हैं-जब तक सरकार बहरी बनी रहेगी, आवाज़ उठाते रहेंगे।