पटना। बिहार में राजनीति के अपराधीकरण का लंबा और पुराना इतिहास है। यहां बाहुबलियों के आपसी वर्चस्व की लड़ाई में बिहार रक्त रंजित होता रहा है। एक बार फिर बिहार का मोकामा गोली की तड़तड़ाहट से गूंज उठा है। मोकामा के पूर्व विधायक छोटे सरकार अनंत सिंह के बाहुबल को इस बार सोनू-मोनू नाम के दो भाइयों ने चुनौती दी है। कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है। अनंत सिंह कह रहे हैं कि कोई गोली चलाएगा तो हम भी जान लेंगे और देंगे। तो वहीं सोनू-मोनू कह रहे हैं तो हम बम चलाएंगे।
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मोकामा कभी बाहुबलियों, सरगनाओं और दस्युओं के नाम से जाना जाने वाला इलाका था। यह इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार भी सुर्खियां लिखी गई हैं गोलियों की तड़तड़ाहट से। इस इलाके में फिलहाल पिछले कुछ दशक से जिनका सिक्का, साम्राज्य या वर्चस्व चल रहा है, वो अपने आपको छोटे सरकार कहते हैं। यानी अनंत सिंह (Anant Singh), जिनके ऊपर बीते बुधवार को गोली चल गई।
बौखलाए अनंत सिंह कह रहे हैं कि हम चूड़ी पहनकर नहीं बैठेंगे
अनंत सिंह (Anant Singh) की बादशाहत को खुली चुनौती सोनू-मोनू नाम के दो भाइयों की तरफ से मिली है, जो अभी बाहुबल की दुनिया में पैर ही जमा रहे हैं। बौखलाए अनंत सिंह (Anant Singh) कह रहे हैं कि अब गोली चलेगी तो चलेगी, लोग मरेंगे तो मरेंगे। हम चूड़ी पहनकर नहीं बैठेंगे। अनंत सिंह (Anant Singh) को चुनौती देने वाले सोनू-मोनू भी इधर तैयार बैठे हैं। कह रहे हैं कि विधायक जी गोली चलाएंगे तो हम बम चलाएंगे। सोनू-मोनू ने अनंत सिंह की नाक के नीचे अपना एक मजबूत गैंग खड़ा कर लिया है। आसपास के कुछ एक गांव के लोग भी इनके समर्थन में खड़े हैं।
ईंट-भट्ठा कारोबारी हैं सोनू-मोनू
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दअरसल, सोनू-मोनू ईंट-भट्ठे का कारोबार भी करते हैं। इसी के लेनदेन के सिलसिले में अपने पूर्व मुंशी मुकेश के घर में मारपीट कर ताला जड़ दिया था। पुलिस से निराश होने के बाद मुकेश सपरिवार छोटे सरकार के दरबार में पहुंच गया। अनंत सिंह (Anant Singh) अपने समर्थकों के साथ मुकेश के गांव हमजा पहुंचकर ताला खुलवा दिया और सोनू-मोनू को तलब किया, लेकिन उधर से गोलियां चलने लगीं।
बाद में अनंत सिंह (Anant Singh) के समर्थकों ने भी सोनू-मोनू के गांव नौरंगा पहुंचकर अंधाधुंध गोलियां दागी। मोकामा के इस इलाके में गोलियों की ये आवाज भले ही फिलहाल दब गई हो, लेकिन काफी दिनों के बाद यहां के दबे बारूद के पलीते में आग जरूर लग गई है। इस साल बिहार में चुनावी गर्माहट इस बारूद को और हवा देने का काम करेगी।