Papamochani Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में पापमोचनी एकादशी का बहुत महत्व है। त्र महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना और व्रत करने मात्र से व्यक्ति के सभी कष्ट और संकट नष्ट हो जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भक्त को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में आध्यात्मिक लाभ और वैभव की प्राप्ति होती है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि 14 मार्च की सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू होकर 15 मार्च की सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार इस बार पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च, रविवार के दिन रखा जाएगा।
विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:
शक्तिशाली तुलसी मंत्र
ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।।
जाप
जा के दौरान भगवान को धूप, दीप जलाने के साथ ही फल अर्पित करें। भगवान को भोग लगाये। साथ ही भगवान विष्णु जी के विष्णु सहस्रनाम का जाप करें। भगवान का मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: का जाप करना भी शुभ है।