नई दिल्ली। विपक्ष द्वारा NEET मुद्दे पर चर्चा की मांग के बीच सदन में हुए हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 1 जुलाई तक स्थगित कर दी गई। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju) ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से हमने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी मुद्दा उठाया जाएगा, उस पर हम विस्तृत जानकारी देंगे। हम सदस्यों को एक बार फिर आश्वस्त करते हैं कि सरकार चर्चा के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन सदन की कार्यवाही को रोककर कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाई गई प्रवृत्ति सदन को चलने नहीं देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं अपील करता हूं कि ऐसा दोबारा न हो।
पढ़ें :- राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला: ट्रस्ट की शिकायत पर में दर्ज हुई FIR, SIT कर रही है मामले की जांच
लोकसभा में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों की ‘नीट-यूजी’ परीक्षा में कथित अनियमितता पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामे के कारण सदन की बैठक शुक्रवार को एक बार के स्थगन के बाद सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित। इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने NEET का मुद्दा उठाया और विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर इस मामले पर चर्चा की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने आग्रह किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम विपक्ष और सरकार की ओर से भारत के छात्रों को एक संयुक्त संदेश देना चाहते थे कि हम इस मुद्दे को जरूरी मानते हैं। इसलिए, हमने सोचा कि छात्रों के सम्मान के लिए हम आज NEET पर चर्चा करेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सदन में नीट पर चर्चा होनी चाहिए। छात्र हमारे देश का भविष्य हैं। उनके मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। हम शांति से इस पर बहस करने को तैयार हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि कल सभी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई और उसमें सर्वसम्मति बनी कि आज हम NEET के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। यहां सदन में NEET पर चर्चा होनी चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि ये युवाओं का मुद्दा है और इस पर सही तरीके से चर्चा होनी चाहिए और ये सम्मानजनक चर्चा होनी चाहिए। हम इसे सम्मानपूर्वक करेंगे। आपको भी चर्चा में शामिल होना चाहिए, आपको भी भाग लेना चाहिए क्योंकि ये युवाओं का मामला है। संसद से ये संदेश जाना चाहिए कि भारत सरकार और विपक्ष मिलकर छात्रों की बात कर रहे हैं।