नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में हिस्सा लेते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट और उसमें जो बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, जमीन खरीद और प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ये करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सदन में की थी।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, जमीन खरीद और प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
ये करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सदन में की थी।
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खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार ने 70 एकड़ से अधिक भूमि ट्रस्ट को सौंपी है और प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण अवसर में शामिल रहे। ऐसे में, प्रधानमंत्री चढ़ावा चोरी समेत अन्य गंभीर आरोपों पर जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्हें सदन में बताना चाहिए कि ED, CBI, इनकम टैक्स समेत बाकी जांच एजेंसियां कहां हैं? उन्होंने कहा कि प्रभु राम के नाम पर लूट करने वालों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और देश को गुमराह करने का काम बंद होना चाहिए।
हम चाहते हैं चेयरमैन और स्पीकर दोनों सदनों में चर्चा की अनुमति दें।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर बर्बरता के मामले में चर्चा होगी तो सच अपने आप ही सामने आ जाएगा, लेकिन न जाने क्यों सरकार घबराई हुई है।
ऊपर से गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में नहीं आ रहे हैं। या तो वे डर गए… pic.twitter.com/Ch3hr0XoMQ
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम चाहते हैं चेयरमैन और स्पीकर दोनों सदनों में चर्चा की अनुमति दें। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों पर बर्बरता के मामले में चर्चा होगी तो सच अपने आप ही सामने आ जाएगा, लेकिन न जाने क्यों सरकार घबराई हुई है। ऊपर से गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में नहीं आ रहे हैं। या तो वे डर गए हैं या फिर यहां न आकर सदन का अपमान कर रहे हैं।