नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज गुजरात दौरे पर हैं। यहां उन्होंने गहरे समुद्र में पानी के अंदर डुबकी लगाई। इसके साथ ही उन्होंने समंदर के भीतर जाकर प्राचीन द्वारका जी के दर्शन किए। बता दें कि भगवान श्री कृष्ण द्वारका के राजा थे। पीएम मोदी ने इस दौरान शहर की भव्यता और समृद्धि को याद करते हुए अपनी श्रदांजलि अर्पित की। डुबकी लगाने से पहले उनकी कमर पर मोर के पंख भी बंधे थे।
पढ़ें :- Yogi Cabinet : सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ा, मंथली रिटेनरशिप के ऊपर बहस की नई फीस फिक्स
वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि, भगवान श्री कृष्ण की कर्मभूमि द्वारकाधाम को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। देवभूमि द्वारका में भगवान कृष्ण द्वारकाधीश के रूप में विराजते हैं। यहां जो कुछ भी होता है वो द्वारकाधीश की ईच्छा से ही होता है। मैंने गहरे समंदर के भीतर जाकर प्राचीन द्वारका जी के दर्शन किए। पुरातत्व के जानकारों ने समंदर में समाई उस द्वारका के बारे में काफी कुछ लिखा है। कहते हैं कि भगवान विश्वकर्मा ने खुद इस द्वारकानगरी का निर्माण किया था।
उन्होंने कहा कि, आज मेरा मन बहुत गदगद है, मैं भावविभोर हूं। दशकों तक जो सपना संजोया हो और आज उस पवित्र भूमि को स्पर्श करके पूरा हुआ होगा…आप कल्पना कर सकते हैं। मेरे भीतर कितना आनंद होगा। मैं आज समुद्र द्वारका के उस दर्शन से विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करके आया हूं। आज मुझे सुदर्शन सेतु के लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है।
पीएम मोदी ने कहा, 6 साल पहले मुझे इस सेतु का शिलान्यास करने का अवसर मिला था। ये सेतु ओखा से बेट द्वारका को जोड़ेगा और द्वारकाधीश के दर्शन को आसान बनाएगा। साथ ही कहा, जिसका सपना देखा, जिसकी आधारशिला रखी…उसको पूरा किया। यही ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन का सेवक ‘मोदी की गारंटी’ है।