इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पैक्ड घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में एक बेहद ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जुलाई से सितंबर के बीच 96 घी के सैंपलों को लिया गया था, जिसमें 28 सैंपल फेल पाए गए। इनमें 24 सैंपल असुरक्षित और चार अवमानक घोषित किए गए हैं।
पढ़ें :- मध्य प्रदेश में उफनते नाले में श्रद्धालुओं की कार बही: ओडिशा के 7 समेत 8 की मौत, मां बगलामुखी के दर्शन करने जा रहे थे
सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान 16 असुरक्षित सैंपलों में सीसे की भी जांच की गई, जिनमें 10 सैंपलों में सीसे की मात्रा तय सीमा से अधिक पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इन सैंपलों में सीसा 0.10 से 0.21 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तक पाया गया, जबकि स्वीकार्य सीमा 0.02 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है। यानी कुछ सैंपलों में सीसे की मात्रा पांच से 10.5 गुना तक ज्यादा थी।
इस बात को लेकर सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि इन 24 असुरक्षित सैंपलों से करीब 17 हजार लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ था। विभागीय जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई से पहले इसका लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा यानी करीब 2,550 से 3,400 लीटर घी बाजार में पहुंच चुका था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, सीसा शरीर के लिए हानिकारक होता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और वयस्कों की सेहत पर बेहद ही गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही अधिकारियों ने संदिग्ध घी का सेवन न करने और पैकेट, बैच नंबर व खरीद की रसीद सुरक्षित रखने की भी सलाह दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, इससे संबंधित असुरक्षित स्टॉक को नियमानुसार नष्ट किया जाएगा। वर्तमान में इस मामले में आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।