Pradosh Vrat 2025 : प्रदोष व्रत करने वाले भक्त पर भगवान शिव विशेष कृपा करते है। भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद के लिए महत्वपूर्ण प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति यह व्रत रखता है उसकी समस्त इच्छाएं पूरी होती है। हर साल यह व्रत कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पड़ता है।
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हिंदू पंचांग के मुताबिक 5 सितंबर 2025 शुक्रवार को महीने का पहला प्रदोष व्रत पड़ रहा है। शुक्रवार का दिन होने की वजह से इसे शुक्र प्रदोष व्रत भी कहा जाएगा। इस दिन भक्त दो घंटे शाम 06:38 से लेकर 08:55 बजे तक प्रदोष काल के बीच शिवजी की भक्ति कर सकेंगे। सितंबर महीने का दूसरा प्रदोष व्रत पंचांग के मुताबिक 29 सितंबर 2025, शुक्रवार को पड़ रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के जीवन खुशहाली आती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। इसके साथ ही जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है।
प्रदोष व्रत के दिन प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन करने से बचें।
शिव जी और मां पार्वती के सामने बैठकर शिव चालीसा का पाठ करें और शिवजी के मंत्रों का जाप करें।
प्रदोष व्रत के दिन जरूरतमंदों में अन्न, धन और कपड़ों का दान करें।