Raghav Chadha-AAP rift : आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर मांग की है कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के कोटे से आवंटित किया जाने वाला बोलने का समय अब नहीं दिया जाना चाहिए। जिस पर राघव चड्ढा की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी है। उन्होंने अपनी पार्टी से सवाल किया है कि क्या लोगों के मुद्दे उठाना कोई अपराध है?
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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उप-नेता पद से हटाए जाने पर सांसद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी करके अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूँ—अक्सर ऐसे मुद्दे जिन पर आमतौर पर चर्चा नहीं होती। लेकिन क्या लोगों के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह किया है या कोई गलती की है? मैं यह इसलिए पूछ रहा हूँ क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को बताया है कि मुझे संसद में बोलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हाँ, पार्टी ने कहा है कि मुझे बोलने का अवसर नहीं दिया जाना चाहिए। कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? मैं हमेशा आम लोगों के मुद्दों पर बात करता हूँ। लेकिन इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ है? कोई मेरी आवाज़ को क्यों दबाना चाहेगा?”
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ'आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
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— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
चड्ढा आगे कहा, “आप सभी मुझे बहुत प्यार और समर्थन देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूँ, आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं और मेरा मनोबल बढ़ाते हैं। मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूँ; कृपया मेरे साथ खड़े रहें और मेरा साथ न छोड़ें। मैं आप ही की वजह से हूँ और आप ही के लिए हूँ। और उन लोगों से, जिन्होंने संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया है और मुझे चुप कराने की कोशिश की है, मैं यह कहना चाहता हूँ: मेरी चुप्पी को मेरी कमज़ोरी समझने की भूल न करें। मैं एक नदी की तरह हूँ, जो सही समय आने पर बाढ़ का रूप ले लेती है।”