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राहुल ने चुनाव आयोग से दागा सवाल, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी चुनाव हारीं, फिर भाजपा के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी क्यों नहीं करती काम?

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के बाद हंगामा मचा हुआ है। इसको लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने बड़ा हमला करते हुए इसे साजिश करार दिया और इसमें पीएम मोदी और अमित शाह के शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) को फौरन इस्तीफा देना चाहिए।

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गुरुवार को प्रेस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने कहा कि ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar)  को रिजाइन कर देना चाहिए। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। इस वोट चोरी को साबित करने के लिए जिस पोजिशन पर ज्ञानेश कुमार बैठे हैं, उन्हें सीरियसली सोचना चाहिए। प्रधानमंत्री और अमित शाह इस कॉन्स्प्रेसी में शामिल हैं।

बीजेपी हमेशा चुनाव कैसे जीत रही है? एंटी इंकम्बैंसी का असर क्यों नहीं हो रहा है?

उन्होंने कहा कि ये देश द्रोही हैं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि आपने 2023 से देखा है कि मैंने सबूतों से साथ आवाज उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah ) ने इस देश के लोकतांत्रिक आधारशिला को खराब करने की कोशिश की है। कोई ऐसा प्रधानमंत्री नही है जिसके खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हेरफेरी हुई है। वोट खत्म किये जा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार पर दो चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए हैं। सभी चुनावों में धांधली हुई है। बीजेपी हमेशा चुनाव कैसे जीत रही है? एंटी इंकम्बैंसी का असर क्यों नहीं हो रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  ने कहा कि भारत में हर सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी होती है, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी हारीं, फिर भाजपा के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? अचानक, एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी लहर) गायब हो जाती है।

सद्दाम हुसैन के इराक में एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती, उत्तर कोरिया में यह नहीं होती

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राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र का रुख बदलता है। अचानक, यह गायब हो जाती है। उत्तर प्रदेश का रुख बदलता है कभी समाजवादी, कभी BSP और यह गायब हो जाती है। मध्य प्रदेश में यह गायब हो जाती है। गुजरात में यह गायब हो जाती है। यह हमारे लिए एक बुनियादी सवाल रहा है। हम किसी व्यक्ति की लोकप्रियता को समझ सकते हैं। हम सरकार के कामकाज को समझ सकते हैं, लेकिन हम यह नहीं समझ सकते कि एंटी-इनकंबेंसी कैसे गायब हो जाती है? सद्दाम हुसैन के इराक में एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती। उत्तर कोरिया में यह नहीं होती। इस धरती पर ऐसी कोई डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) नहीं है जहां एंटी-इनकंबेंसी न हो। हर प्रधानमंत्री के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी हुई है। चाहे इंदिरा गांधी हो, या अटल बिहारी बाजपेयी, लेकिन बीजेपी के खिलाफ एंटी इन्कंबेसी नहीं है।

राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) का चयन प्रधानमंत्री ने किया है। कोई राजनेता ऐसा नहीं बोल सकता है। मैंने 50 साल से भारत की राजनिति को देख रहा हूं। ऐसा कभी नहीं हुआ है। बीजेपी पर एंटी एंकम्बेंसी का असर क्यों नहीं हुआ है? हरियाणा, महाराष्ट्र के चुनाव प्रभावित हुए हैं। यह हमारे लिए एक बुनियादी सवाल है। हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी राजनैतिक फोर्स कहां गायब हो गई?

वोट की चोरी अब कानून की चोरी बन गई है

उन्होंने कहा कि मैं हवा में बातें नहीं कर रहा, मैंने सबूत दिखाएं हैं। इस बात की 100 प्रतिशत जानकारी है कि विधानसभा और आम चुनावों में धांधली हुई है। दो चुनाव आयुक्त इस पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें अमित शाह  ने चुना था। इस गड़बड़ी के लिए ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) जिम्मेदार हैं। वोट की चोरी अब कानून की चोरी बन गई है। अगर वोट चोरी करके कोई सांसद चुना गया है। वह चुनावी गैर-कानूनी है। चुनाव आयोग के खिलाफ कोई जांच नहीं हो सकती है। चुनाव आयोग के खिलाफ कोई जांच नहीं हो सकती। अंदर से जानकारी लीक हो रही है।

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