Electoral Bond in Gujarat: बिहार में इंडिया गठबंधन के ‘वोट अधिकार यात्रा’ के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात में अनाम पार्टियों को बड़ा चुनावी चंदा दिये जाने पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में राहुल ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की और तंज़ कसते हुए कहा कि आयोग इस मामले में जांच करेगा या फिर एफिडेविट मांगेगा।
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दरअसल, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को एक हिन्दी अखबार की खबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना – लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला! इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है। ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां? क्या चुनाव आयोग जांच करेगा – या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?’
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना – लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
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क्या चुनाव आयोग जांच करेगा – या फिर… pic.twitter.com/CuP9elwPaY
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 27, 2025
हिन्दी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि गुजरात में पंजीकृत 10 गुमनाम से राजनीतिक दलों को अप्रत्याशित चंदा मिला है। इन दलों को 2019-20 से 2023-24 के पांच साल में दानदाताओं से 4300 करोड़ रुपए का चंदा मिला। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान गुजरात में हुए तीन चुनावों (2019, 2024 के दो लोकसभा और 2022 का विधानसभा) में इन दलों ने महज 43 प्रत्याशी उतारे और इन्हें कुल 54,069 वोट मिले। इन दलों और प्रत्याशियों की निर्वाचन आयोग में जमा रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इन्होंने चुनाव रिपोर्ट में खर्च महज 39.02 लाख रुपए बताया, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में 3500 करोड़ रुपए खर्च दर्शाया है।