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Ram Mandir Donation Scam : राम मंदिर चंदा विवाद की जांच रिपोर्ट PMO को भेजी गई, मामले में बड़ी कार्रवाई तय

By santosh singh 
Updated Date

Ram Mandir Donation Scam : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Mandir) में चढ़ावा राशि से जुड़े गबन और अनियमितताओं के मामले में एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। ये जांच रिपोर्ट अब शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के कई बड़े पदाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिससे जांच की आंच लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पहुंच गई है।

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एसआईटी (SIT)  जांच में न केवल गणनाकर्मी बल्कि ट्रस्ट के करीब तीस लोगों की संलिप्तता सामने आई है। प्रारंभिक पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब न मिलने और गोलमाल जवाब देने के कारण टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प जैसे व्यक्तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इन लोगों के यहां से नकदी बरामद होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। एसआईटी ने इन पांचों से करीब 20 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है।

सूत्रों की मानें तो जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चंपत राय के करीबी माने जाने वाले टिन्नू यादव, लवकुश और अनुकल्प सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की प्रबल संभावना है। वहीं अज्ञात में कई आरोपी बनाए जा सकते हैं। विवेचना में बड़े नाम जोड़े जाएंगे। विवेचना भी आईपीएस की निगरानी में गठित टीम से कराने पर विचार चल रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय एसआईटी (SIT)  की रिपोर्ट और शासन स्तर पर समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के निर्देशों का भी इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। पीएमओ से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई और ट्रस्ट के पुनर्गठन पर निर्णय लिया जाएगा।

संभावित कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, एक-दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरू हो सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। यह पूरा घटनाक्रम राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले से जुड़ा होने के कारण, इसमें अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है और लखनऊ से दिल्ली तक उच्च स्तर पर मंथन जारी है।

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एक गोपनीय रिपोर्ट पीएमओ भी भेजी गई

जब से मामले ने तूल पकड़ा है, तब से पीएमओ (PMO) की नजर इस पर बनी हुई है। यहां तक कि पीएमओ के कई अधिकारी खुद मंदिर पहुंचकर छानबीन कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक इन अफसरों ने भी एक गोपनीय जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसे पीएमओ भेजा गया है। इसमें भी हेरफेर से लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लापरवाही व कुछ की भूमिका संदिग्ध होने की बात कही गई है। यही वजह है कि मामले में बड़ी कार्रवाई भी संभव है।

चोरी से लेकर लापरवाही के साक्ष्य

एसआईटी रिपोर्ट (SIT Report) में चढ़ावा चोरी को लेकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। गवाहों के बयान भी अहम हैं। सूत्रों के मुताबिक कई पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूरी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका विस्तृत रूप से दर्ज की गई है। एसआईटी रिपोर्ट (SIT Report) को लेकर सीएम को ब्रीफ करेगी। उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी। चोरी में संलिप्त लोगों पर एफआईआर की संस्तुति एसआईटी ने की है।

नियम-कायदे रख दिए ताक पर, होगी मुसीबत

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मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। जिम्मेदार बेखबर रहे और खेल होता रहा। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने इसका अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से जिक्र किया है। जो गाइडलाइन थी, उसका पालन ही नहीं किया गया। यह लापरवाही ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकती है।

40 गणनाकर्मी हटे, नए लगाए गए

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में गणना में लगे करीब 40 कर्मचारियों को आखिरकार हटा दिया गया है। अब बैंक की ओर से नए गणनाकर्मियों को लगाया गया है। निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसआईटी (SIT) ने मंदिर ट्रस्ट और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया है। वहीं, छह दिन की जांच के बाद लखनऊ लौटी एसआईटी (SIT) सोमवार को डेढ़ सौ से अधिक पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को सौंप सकती है। इसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू होगी।

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