मेरठ: नीले ड्रम वाली मुस्कान रस्तोगी के बाद, सांप से पति डसवाने वाली हत्यारिन पत्नी रविता व उसके प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि आरोपियों ने मिलकर अमित कश्यप की हत्या की थी। घटना के 543 दिन बाद दोनों दोषी करार दिये गए हैं। इस मामले की सुनवाई के दौरान 12 से ज्यादा गवाहों के बयान दिया। कोर्ट 16 अक्टूबर को दोनों को सजा सुनाएगी।
पढ़ें :- एक और पत्नी ने अपने पति को उतारा मौत के घाट, प्रेमी के साथ मिलकर नहर में फेंका शव
दरअसल, मेरठ-पौड़ी हाईवे से करीब 4 किलोमीटर अंदर गांव अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की हत्या 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। इस मामले में हत्या का आरोप पत्नी रविता और पड़ोसी अमरदीप पर लगा था। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। तब से रविता मेरठ जेल में बंद है, जबकि प्रेमी अमरदीप जमानत पर बाहर है। आरोप था कि रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ सोते वक्त अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी थी, फिर बिस्तर पर सांप छोड़कर 10 बार डसवाया था। शुरुआत में परिजनों ने भी सांप के डसने से मौत होने की आशंका जताई थी।
घटना के बाद अमित के शव के नीचे सांप दबा हुआ था। सूचना पर सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया। सांप पकड़ने के लिए सपेरे बुलाए गए। उन्होंने मौके से वाइपर सांप पकड़ा और बताया कि सांप के दांत के नीचे जहर की थैली पहले ही निकाल ली गयी है। यानी उस सांप के काटने से इंसान मर ही नहीं सकता। इसके बाद परिजनों का शक तब और गहरा हो गया, जब उन्होंने गले पर चोट के निशान और शरीर पर नाखून जैसे खरोच के निशान देखे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और मौत की वजह सर्पदंश के बजाय दम घुटना सामने आई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से मामले की जांच शुरू की। पूछताछ में रविता और अमरदीप के कथित संबंधों की जानकारी मिली। पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। जांच के दौरान सांप उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में 12 गवाह पेश किए। अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया है।