Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ‘लाल टोपी, नीला लिबास- काली करतूतें ढकने का नया प्रयास…’ अखिलेश पर डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य का तंज

‘लाल टोपी, नीला लिबास- काली करतूतें ढकने का नया प्रयास…’ अखिलेश पर डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य का तंज

By Abhimanyu 
Updated Date

UP Political debate on Color blue : सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले गमछे और समाजवादी छात्रसभा की नई ड्रेस कोड को लेकर यूपी की सियासत गरमाने लगी है। अंबेडकरवादी लोगों की पहचान बन चुके नीले रंग को अपनाने पर सपा प्रमुख अब विरोधियों के निशाने पर हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर अखिलेश पर निशाना साधा है।

पढ़ें :- 'यादव मुसलमान होता तो एनकाउंटर...' कौन हैं काजल निषाद, जो गोंडा हत्याकांड पर पुलिस से भिड़ गईं?

दरअसल, भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘लाल टोपी, नीला लिबास- काली करतूतें ढकने का नया प्रयास!’ इस पोस्ट को अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सपा से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि सपा के लोग लाल टोपी पहनते हैं और अब वह नीले गमछे और लिबास में नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि आगामी 2027 चुनाव में नीले रंग की राजनीति तेज होने लगी है और बसपा के कोर वोटर यानी दलितों को लुभाने की कोशिशें शुरू हो गयी हैं।

पढ़ें :- 'आज युवा किताबों से दूर होकर सोशल मीडिया पर समय बर्बाद कर रहा...' CM योगी ने गोमती पुस्तक महोत्सव में जताई चिंता

मायावती को भी चुभा अखिलेश का नीला लिबास

सपा की ओर से नीले रंग के जरिये दलित वोटर्स को लुभाने की कोशिश पर बसपा सुप्रीमो मायावती की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी थी। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा बी.एस.पी. का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से तथा स्टेज आदि में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से इनकी सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही इनकी जातिवादी, संकीर्ण, सामन्तवादी एवं पूँजीवादी सोच नहीं बदल सकती है तथा ना ही ये लोग दिल से अम्बेडकरवादी होने एवं कहलाने वाले हैं। इसीलिये ’बहुजन समाज’ के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति पहले वे अपना दिल व दिमाग़ तो पाक-साफ करें।’

पढ़ें :- काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने पानी-पानी हुआ देश की ‘प्रधान नगरी’ का जलमग्न विकास : अखिलेश यादव

यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने लिखा, ‘ वैसे भी ये लोग इन वर्गों के मामले में आए दिन गिरगिट की तरह ही रंग बदलते रहते हैं अर्थात् ये कहते कुछ हैं और करते उसके ठीक विपरीत हैं। ख़ासकर इनके सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा आदि हमेशा दोग़ला व बईमान ही रहा है, जिसके अनेकों उदाहरण हैं, ये सभी जानते हैं। इसलिए इन वर्गों की एकमात्र हितैषी व अम्बेडकरवादी पार्टी केवल बी.एस.पी. ही है, जो सर्वविदित है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि अन्य पार्टियों की तरह बी.एस.पी. के जो भी लोग पार्टी में अनुशासनहीनता आदि के कारण समय-समय पर निष्कासित कर दिये जाते हैं तो वे अधिकतर इन्हीं सब कारणों से अब तक कई पार्टी बदल चुके हैं, जो किसी से छिपा नहीं है। इसी से ही अन्दाज़ा लगा लेना चाहिये कि ये लोग पूरे स्वार्थी व अवसरवादी हैं और वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते हैं।’

Advertisement