गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुए थप्पड़ कांड के बाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। गोरखपुर की जिला और महानगर इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष समेत दोनों की पूरी कार्यकारिणी पर कार्रवाई हुई है..
डिजिटल, पर्दाफाश। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुए थप्पड़ कांड के बाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। गोरखपुर की जिला और महानगर इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष समेत दोनों की पूरी कार्यकारिणी पर कार्रवाई हुई है।
इसके साथ ही फ्रंटल संगठनों की जिला और महानगर इकाइयों के अलावा प्रदेश कार्यकारिणी में गोरखपुर से जुड़े पदाधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। पार्टी के इस फैसले को एक दिन पहले हुई प्रेस वार्ता में नेताओं के बीच हुए थ्प्पड़ जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रेस वार्ता में कहासुनी के बाद मचा था बवाल
दरअसल शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से सपा की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह के बीच विवाद हो गया था। शुरुआत कहासुनी से हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
इसी दौरान अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह पर नगीना साहनी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना के बाद प्रेस वार्ता में हंगामा मच गया और मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया।
थप्पड़ कांड के बाद अंशुमान पर भी कार्रवाई
विवाद के बाद पार्टी ने अंशुमान सिंह को निष्कासित कर दिया था। अब इसके अगले ही दिन गोरखपुर की जिला और महानगर इकाई को भंग करने का फैसला सामने आया है। गोरखपुर ग्रामीण सीट से अंशुमान सिंह और नगीना साहनी दोनों के सपा टिकट के दावेदार होने की बात सामने आई है। ऐसे में प्रेस वार्ता के दौरान हुआ विवाद स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से भी जुड़ा माना जा रहा है।
अब अखिलेश यादव के निर्देश के बाद गोरखपुर में सपा का संगठन नए सिरे से तैयार किया जाएगा। नई जिला और महानगर कार्यकारिणी को लेकर पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले का इंतजार है।
Those who loudly beat the drum of "Social Justice" and "PDA" across the entire state had the real face of their 'justice' laid bare today at the Samajwadi Party office in Gorakhpur.
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In a desperate bid for political mileage and power, SP workers clashed among themselves, raining… pic.twitter.com/aXSMAn9NLV
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) October 3, 2026