Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. अमेरिका दौरे को केंद्र की मंजूरी नहीं, लंदन से लौटेंगे रेवंत रेड्डी: बोले- युवाओं का भविष्य राजनीति से ऊपर

अमेरिका दौरे को केंद्र की मंजूरी नहीं, लंदन से लौटेंगे रेवंत रेड्डी: बोले- युवाओं का भविष्य राजनीति से ऊपर

By Harsh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका में मुख्यमंत्री को कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के साथ समझौते करने थे। हालांकि केंद्र से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रेवंत रेड्डी ने प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका जाकर प्रस्तावित कार्यक्रम जारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल हार्वर्ड, MIT, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक जैसे संस्थानों के साथ MoU की दिशा में आगे बढ़ेगा।

पढ़ें :- चोरी करते पकड़े गए तो प्रिंसिपल की हत्या का बनाया प्लान: 27 बार चाकू से गोदा, 10वीं के 2 छात्र गिरफ्तार

सिर्फ ब्रिटेन यात्रा को मिली मंजूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेलंगाना सरकार ने 16 अगस्त को केंद्र से विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी। केंद्र ने ब्रिटेन जाने की मंजूरी तो दे दी लेकिन अमेरिका यात्रा को हरी झंडी नहीं मिली। राज्य सरकार को इस बारे में तब जानकारी हुई जब आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन पहुंच चुका था। मुख्यमंत्री कार्यालय अब विदेश मंत्रालय से अमेरिका दौरे की अनुमति रोके जाने की वजह जानने की कोशिश कर रहा है।

दौरा रद्द होने के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा कि युवाओं का भविष्य और राज्य व देश का विकास राजनीतिक मतभेदों से बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जब बात राष्ट्र निर्माण और युवाओं के भविष्य की हो तो राजनीति और चुनाव से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।

हैदराबाद को बनाना चाहते हैं ग्लोबल नॉलेज हब

पढ़ें :- 16 साल की उम्र में दुनिया के सबसे युवा पुरुष CA बने लक्ष्मणन मय्यप्पन, जानिए सफलता की पूरी कहानी

लंदन में रेवंत रेड्डी शुक्रवार और शनिवार को ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज समेत कई बड़े शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘तेलंगाना राइजिंग’ के जरिए दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों को तेलंगाना और हैदराबाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि इससे राज्य के युवाओं को उच्च स्तर की शिक्षा, स्किल और ट्रेनिंग के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सपना हैदराबाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का ज्ञान और शिक्षा केंद्र बनाना है। उनके मुताबिक, उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी और JNTU ने शहर को बेहतर मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं IIT, ISB, IIIT और NALSAR जैसे संस्थानों के आने से हैदराबाद में बड़ी कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए भी माहौल मजबूत हुआ है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि वह हैदराबाद को दुनिया के बड़े शहरों की कतार में खड़ा करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य है कि आम भारतीय युवाओं को भी हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT, LBS और LSE जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों से शिक्षा और प्रमाणपत्र हासिल करने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जहां कई नेता अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते हैं वहीं उनकी कोशिश दुनिया के बेहतरीन शैक्षणिक संस्थानों को भारत लाने की है।

Advertisement