Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. रिंकू सिंह ने विश्व विजेता बन यूं पूरा किया खानचंद सिंह का अधूरा सपना, 9 दिन पहले हुआ था पिता का निधन

रिंकू सिंह ने विश्व विजेता बन यूं पूरा किया खानचंद सिंह का अधूरा सपना, 9 दिन पहले हुआ था पिता का निधन

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली: टीम इंडिया (Team India) ने न्यूजीलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के फाइनल में हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीत लिया। फैंस, भारतीय खिलाड़ी हर कोई सेलिब्रेट कर रहा है। हालांकि, टीम इंडिया (Team India)  के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह (Rinku Singh) थोड़े मायूस जरूर हो सकते हैं, क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपने पिता को खोया है। अगर उनके पिता खानचंद सिंह (Father Khanchand Singh) जिंदा होते तो उनकी इस वर्ल्ड कप जीत की खुशी में चार चांद लग जाते।

पढ़ें :- टीम इंडिया ने श्रीलंका को 165 रनों से हराकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की, भारत का था 600वां टेस्ट मैच

जिम्बाब्वे से मैच के बाद हुआ पिता का निधन

बता दें कि रिंकू सिंह (Rinku Singh)  के पिता खानचंद सिंह (Father Khanchand Singh) का निधन बीते 27 फरवरी को 57 साल की उम्र में स्टेज 4 लिवर कैंसर (Stage 4 liver cancer) से लड़ते हुए हुआ। भारत का जिम्बाब्वे के साथ सुपर 8 का मैच 26 फरवरी को था। हालांकि, उससे पहले ही रिंकू के पिता की तबियत खराब होने की खबर आई।

ऐसे में रिंकू सिंह (Rinku Singh)  अपने परिवार के पास पहुंच गए थे। रिंकू के पिता नोएडा में अस्पताल में एडमिट थे। लेकिन रिंकू ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले टीम को जॉइन कर लिया था। लेकिन मैच के अगले दिन (27 फरवरी) खानचंद सिंह (Khanchand Singh) के निधन की खबर आई तो रिंकू वापस घर लौटे। मुश्किल वक्त में उन्होंने अपने परिवार का साथ दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी के पास मौका था कि वह चाहते तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 को बीच में छोड़कर पूरी तरह से घर आ सकते थे। लेकिन उनके जज्बे को सलाम। इस स्थिति में भी रिंकू ने अपने देश को पहले चुना। रिंकू फिर से भारतीय टीम के साथ जुड़ गए।

अपने पिता का अधूरा सपना किया पूरा

पढ़ें :- IND vs SL Test Day 5 : जीत से सिर्फ 4 विकेट दूर भारतीय टीम, लंच ब्रेक तक श्रीलंका का स्कोर- 175/6

रिंकू सिंह (Rinku Singh)  2024 में भारत के वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे। वह बतौर ट्रेवलिंग रिजर्व टीम के साथ ट्रेवल कर रहे थे। वहां भले ही उन्होंने वर्ल़्ड कप जीतकर ट्रॉफी हाथ में पकड़ी। लेकिन, आधिकारिक तौर पर वह उस वक्त वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाए, लेकिन इस बार रिंकू सिंह खेले भी और वर्ल्ड कप जीतने का सपना, अपना और अपने पिता का पूरा किया। हालांकि अगर खानचंद सिंह (Khanchand Singh) जिंदा होते तो उनको अपने बेटे पर काफी नाज होता। इस बात में कोई दोहराय नहीं कि रिंकू विश्व विजेता बनने के बाद अपने पिता को और ज्यादा मिस कर रहे होंगे।

Advertisement