जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में आज 26 सितंबर का दिन भारत के लिए बहुत ही खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और स्क्वैश समेत कई खेलों में बेहद शानदार प्रदर्शन किया। बता दें कि दिन की शुरुआत भारत के लिए मैराथन में ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ हुई। वहीं महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
जापान। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में आज 26 सितंबर का दिन भारत के लिए बहुत ही खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, कबड्डी और स्क्वैश समेत कई खेलों में बेहद शानदार प्रदर्शन किया। बता दें कि दिन की शुरुआत भारत के लिए मैराथन में ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ हुई। वहीं महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
महिला कबड्डी में भारत का गोल्ड
बता दें कि भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का अपना चौथा गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में विजेता रही।
सावन बरवाल ने रचा इतिहास
यदि एथलेटिक्स की बात करें तो इसमें सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन 42.195 किलोमीटर की रेस में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए इतिहास रच दिया। बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकाला। इस पदक के साथ एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में भारत का 44 साल का पदक इंतजार खत्म हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, बरवाल एशियन गेम्स इतिहास में मैराथन पदक जीतने वाले भारत के केवल चौथे एथलीट बने हैं।
स्क्वैश में अनाहत सिंह का बड़ा प्रदर्शन
स्क्वैश में युवा भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह ने जापान की सातोमी वतनाबे को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। वहीं अनाहत ने मुकाबले में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। इसके साथ ही पुरुष स्क्वैश में अभय सिंह भी फाइनल में पहुंच गए, जिससे भारत के लिए इस खेल में स्वर्ण पदक की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
पुरुष कबड्डी टीम पर भी नजर
26 सितंबर यानी आज शनिवार को भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का भी फाइनल मुकाबला ईरान के खिलाफ निर्धारित था। भारतीय टीम से महिला टीम की सफलता को दोहराने और गोल्ड हासिल करने की बहुत उम्मीद थी।
भारत के लिए दिन रहा अहम
आपको बता दें कि 26 सितंबर के इस कार्यक्रम में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, ज्योति याराजी, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी समेत कई भारतीय खिलाड़ी और टीमें अलग-अलग स्पर्धाओं में उतरीं। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग, आर्चरी, बॉक्सिंग और स्क्वैश में भारत की नजर पदकों पर बनी रही।