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RSS देश पर एक विचार, इतिहास और भाषा थोपना चाहता है, कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन को कतई स्वीकार नहीं : राहुल गांधी

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मसौदा नियमों के खिलाफ डीएमके छात्र विंग के तरफ से किए गए विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए, लोकसभा के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य अन्य सभी इतिहासों, संस्कृतियों और परंपराओं का उन्मूलन है। यही वह हासिल करना चाहता है। वे देश पर एक ही विचार, इतिहास और भाषा थोपना चाहते हैं।

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उन्होंने कहा कि आरएसएस विभिन्न राज्यों की शिक्षा प्रणालियों के साथ भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रहा है। यह उनके एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक और कदम है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रत्येक राज्य की अपनी अनूठी परंपरा, इतिहास और भाषा है, यही कारण है कि संविधान में भारत को राज्यों का संघ कहा गया है। हमें इन मतभेदों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि तमिल लोगों का हजारों वर्षों का समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपरा है। यह तमिल लोगों और अन्य राज्यों का अपमान है जहां आरएसएस अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहा है। यह आरएसएस द्वारा हमारी हर बात को कमजोर करने का प्रयास है।

राहुल गांधी ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन में बहुत स्पष्ट हैं कि हर एक राज्य, हर इतिहास, हर भाषा और हर परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए, न कि अलग-अलग। हमने अपने घोषणापत्र में पहले ही कहा है कि शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाया जाएगा। मंच पर मौजूद अपने सभी दोस्तों से मैं कहना चाहता हूँ कि आप जो कह रहे हैं, हम उसका पूरा समर्थन करते हैं। हम इस देश के बारे में आरएसएस के नज़रिए को स्वीकार नहीं करते, न ही उनके इस विचार को कि इस देश पर एक दिवालिया विचारधारा थोपी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चाहे वे अपनी कल्पनाओं को साकार करने की कितनी भी कोशिश करें, यह देश उनकी विचारधारा को कभी स्वीकार नहीं करेगा। आरएसएस को यह समझने की ज़रूरत है कि वे संविधान, हमारे राज्यों, हमारी संस्कृतियों, परंपराओं और हमारे इतिहास पर हमला नहीं कर सकते।

नई शिक्षा नीति विश्वविद्यालयों को उद्योगपतियों को देने की साजिश : अखिलेश यादव

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मसौदा नियमों के खिलाफ डीएमके छात्र विंग के विरोध को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही नई शिक्षा नीति के खिलाफ इस विरोध का समर्थन करती है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि अगर आप उद्योगपतियों का समर्थन करते रहेंगे, तो एक दिन ऐसा आएगा जब आप उद्योगपतियों के नौकर बन जाएंगे। यह नई शिक्षा नीति विश्वविद्यालयों को उद्योगपतियों को देने की साजिश है। वे राज्य सरकार की सभी शक्तियों को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। वे राजनीति और राजनेताओं को उद्योगपतियों का नौकर बनाना चाहते हैं। हम नई शिक्षा नीति का कभी समर्थन नहीं करेंगे।

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भारतीयों को हथकड़ी लगाकर भारत भेजा जा रहा है तो विश्वगुरु बनने का क्या तरीका है?

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,कि मैं डीएमके और उसकी छात्र शाखा के नई शिक्षा नीति के खिलाफ विरोध का समर्थन करता हूं। राज्यों की शक्तियां नहीं छीनी जानी चाहिए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर भारतीय नागरिकों को हथकड़ी लगाकर भारत भेजा जा रहा है तो विश्वगुरु बनने का क्या तरीका है?

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