बीते 29 अगस्त को सूर्य प्रकाश सिंह का शव बस्ती उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। वे मूल रूप से आजगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीलमपुर छपरा के रहने वाले थे। सूर्य प्रकाश सिंह के सुसाइड के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। थानेदार के मोबाइल फोन की जांच के बाद तीन आरोपियों को चिह्नित किया था।
बस्ती। बस्ती के वाल्टरंगज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक महिला समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर निजी पलों का वीडियो बनाया था। इसके बाद से वो उनसे एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। पुलिस ने महिला, उसके पिता और एक अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, बीते 29 अगस्त को सूर्य प्रकाश सिंह का शव बस्ती उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। वे मूल रूप से आजगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीलमपुर छपरा के रहने वाले थे। सूर्य प्रकाश सिंह के सुसाइड के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। थानेदार के मोबाइल फोन की जांच के बाद तीन आरोपियों को चिह्नित किया था। इनमें पैकोलिया के बावनपार व हालपता वाल्टरगंज के गंधार निवासी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और पैकोलिया क्षेत्र के पिपरा काजी निवासी अधिवक्ता विजय प्रकाश शामिल थे। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्जकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि, मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी का उसके पति से 10 साल पहले से ही अलगाव हो गया है। वह मुंबई में रहकर ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटरों में काम करती है और पैसे वाले व्यक्तियों को अपने शारीरिक मोह जाल में फंसाकर उनका वीडियो-ऑडियो बनाकर उन्हें हनीट्रैप के जरिये वाटस्एप/वीडियो कॉल करके व चैटिंग करके ब्लैकमेल करती है। इसके जरिये उनसे पैसे की डिमांड की जाती थी।
जाल में फंसाए हुए ग्राहकों को वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटकर खून निकलता हुआ दिखाकर भावनात्मक रूप से भयभीत किया जाता था और मोटी रकम मांगी जाती थी। इस मामले में उसके पिता और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव साथ देते थे। इससे पहले भी इन्होंने अपने मकान मालिक समेत अन्य लोगों के जाल में फंसाकर रुपये ऐंठे थे।
इसी तरह से महिला ने थानेदार को अपनी जाल में फंसाकर निजी वीडियो बना ली थी। इसके बाद वो लगातार रुपयों के लिए थानेदार पर दबाव बना रही थी। पुलिस के अनुसार दर्जनों अन्य लोगों के भी इस जाल में फंसे होने की जानकारी मिली है।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश ने सूर्य प्रकाश सिंह को अंतिम कॉल की थी। आरोपियों ने उन्हें रकम को लेकर बातचीत और समझौते के लिए बुलाया था। उन्हें यह भी कहा गया था कि पैसे नहीं देने पर महिला आत्महत्या कर लेगी। एक करोड़ रुपये की मांग और लगातार मानसिक दबाव से सूर्य प्रकाश सिंह परेशान थे। इसी कॉल के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।