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सत्या निकेतन बिल्डिंग मालिक को पता था गिरेगी इमारत! छात्रों से क्यों लिखवाया ‘मौत हुई तो जिम्मेदारी मेरी नहीं’?

अक्सर बगैर पढ़े लोग रेंट एग्रीमेंट पर सिर्फ साइन कर देते हैं। या यूं कहें पढ़ने की फुर्सत या आदत कम ही होती है। बीते रविवार को दिल्ली के सत्यनिकेतन में हुए PG हादसे के बाद सामने आया एक एग्रीमेंट इसी लापरवाही का खतरनाक नतीजा दिखाता है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। अक्सर बगैर पढ़े लोग रेंट एग्रीमेंट पर सिर्फ साइन कर देते हैं। या यूं कहें पढ़ने की फुर्सत या आदत कम ही होती है। बीते रविवार को दिल्ली के सत्यनिकेतन में हुए PG हादसे के बाद सामने आया एक एग्रीमेंट इसी लापरवाही का खतरनाक नतीजा दिखाता है।

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पीजी मालिक ने किराएदारों से यह लिखवा रखा था कि अगर भवन में कोई हादसा होता है और उससे मौत भी हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी PG ऑफिशियल्स की नहीं होगी। यह शर्त न सिर्फ कानूनी तौर पर विवादास्पद है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या ऐसे “छूट पत्र” वास्तव में मालिक को सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुक्त कर सकते हैं, या फिर ये सिर्फ कागजी ढाल हैं जो हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को न्याय की राह से भटका देती हैं।

दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके सत्या निकेतन (Satya Niketan) में रविवार दोपहर ढही पांच मंजिला पीजी इमारत हादसे में मौतों का आंकड़ा 7 हो गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अब किराएदारों के साथ किए गए रेंट एग्रीमेंट की कॉपी सामने आई है, जिसने बिल्डिंग मालिकों की मनमानी और छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एग्रीमेंट की कॉपी में साफ तौर पर लिखा था,कि पीजी अधिकारी/मकान मालिक मेरे (किराएदार) साथ होने वाली किसी भी अनहोनी, दुर्घटना या जानमाल के जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। अब जब यह पांच मंजिला इमारत ढह गई है, तो ऐसे में एग्रीमेंट में की गई इस शर्त एक बड़ा महत्तव है।

जानें PG के रेंट एग्रीमेंट में क्या-क्या लिखा?

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मेरे द्वारा हॉस्टल में रिजर्व की गई सीट दिनांक ______ से ______ तक की पूरी अवधि के लिए होगी। मैं इसके लिए अपनी सहमति प्रदान करता/करती हूं।

किरायेदार को रुपये______/- (2 महीने की सिक्योरिटी राशि) और एक महीने का अग्रिम किराया रुपये______/- जमा करना होगा। समझौते की अवधि पूरी होने से पहले, यानी लॉक-इन अवधि ______ तक, किसी भी स्थिति में सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की जाएगी।

कमरे में उपलब्ध फर्नीचर, सामान या अन्य सुविधाओं को किसी भी प्रकार का नुकसान होने पर उसकी राशि सिक्योरिटी डिपॉजिट से काट ली जाएगी।

निर्धारित शुल्क प्रत्येक महीने की तारीख ______ तक जमा करना अनिवार्य होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त शुल्क/लेट फीस लागू होगी।

पीजी की दीवारों पर पोस्टर, स्टिकर चिपकाना, पेंट करना या किसी भी प्रकार से लिखना प्रतिबंधित है।

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अगर मैं तय समय पूरा होने से पहले किसी भी कारण से पीजी छोड़ता/छोड़ती हूं, जिसमें अनुशासनहीनता के कारण निकाला जाना भी शामिल है, तो मैं पहले से जमा किए गए हॉस्टल/पीजी शुल्क और सिक्योरिटी राशि की वापसी का दावा नहीं करूंगा/करूंगी।

पीजी अधिकारी मेरी किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि या जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

मैं सहमत हूं कि आवास, अनुशासन और आचरण से जुड़े सभी मामलों में पीजी प्रबंधन का निर्णय अंतिम और मेरे लिए बाध्यकारी होगा, बशर्ते वह लागू कानून के अनुरूप हो।

मैं स्वीकार करता/करती हूं कि यदि मैं पीजी के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं करता/करती हूं, तो पीजी प्रबंधन को मुझे बिना कोई कारण बताए कमरा खाली करने के लिए कहने का अधिकार होगा, नियमों और लागू कानून के अनुसार।

हॉस्टल/पीजी छोड़ने से पहले मैं अपने सभी बकाया भुगतान पूरी तरह से चुका दूंगा/दूंगी और कमरे में उपलब्ध सभी फर्नीचर और अन्य सामान, जैसे आईना, फर्नीचर, चाबी और अन्य वस्तुएं, पीजी प्रबंधन को सही स्थिति में वापस सौंप दूंगा/दूंगी।

हादसे के बाद मकान मालिक फरार

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हादसे के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police)  ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इमारत का मालिक हरिराम हादसे के बाद से ही फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ (LOC) जारी किया है और कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

रविवार दोपहर करीब 1:15 से 1:30 बजे के बीच हुए इस हादसे के बाद NDRF और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की टीमों ने मलबे से 11 छात्रों को सुरक्षित निकाला, जबकि 7 छात्रों की अस्पताल में मौत हो गई। स्थानीय भाजपा विधायक अनिल शर्मा (MLA Anil Sharma)  ने बताया कि इमारत लगभग 40 साल पुरानी थी और उसमें 13 छात्र और 3-4 मजदूर मौजूद थे।

कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?

हादसे के कारणों की शुरुआती जांच में मरम्मत कार्य और जलभराव को मुख्य वजह माना जा रहा है। विधायक अनिल शर्मा (MLA Anil Sharma) ने आरोप लगाया कि पुरानी इमारत के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर बिना अनुमति के तोड़फोड़ और मरम्मत का काम चल रहा था, जिसमें मकान मालिक ने भार उठाने वाली मेन दीवार को कमजोर बनवाया था या फिर उसे तोड़ दिया था।

वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi Chief Minister Rekha Gupta) ने घटनास्थल का दौरा कर बताया कि बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। सीलन और पुराने ढांचे में बेसमेंट के छेड़छाड़ के कारण पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। MCD ने पास की संपत्ति संख्या 13 को भी खतरनाक घोषित कर 3 दिनों में गिराने का आदेश दिया है।

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