लखनऊ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में देशभर में बाजी मार ली है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की सूची में राजधानी को पहला स्थान मिला है। खास बात यह है कि पिछले सर्वे में 15वें पायदान पर रहने वाला लखनऊ इस बार सीधे नंबर-1 पर पहुंच गया। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत हुए सर्वे में लखनऊ को बेहतर..
नई दिल्ली: लखनऊ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में देशभर में बाजी मार ली है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की सूची में राजधानी को पहला स्थान मिला है। खास बात यह है कि पिछले सर्वे में 15वें पायदान पर रहने वाला लखनऊ इस बार सीधे नंबर-1 पर पहुंच गया। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत हुए सर्वे में लखनऊ को बेहतर प्रदर्शन के लिए चुना गया। इस उपलब्धि पर नगर निगम को 1.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली।
नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित समारोह में मेयर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने लखनऊ की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया।
इंदौर दूसरे, जबलपुर तीसरे नंबर पर
देश के बड़े शहरों की इस श्रेणी में लखनऊ ने मध्य प्रदेश के इंदौर को पीछे छोड़ दिया। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश से इस बार सिर्फ लखनऊ को यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। लखनऊ की छलांग इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 2024-25 के सर्वे में राजधानी 15वें स्थान पर थी। एक साल में शहर ने 14 पायदान ऊपर पहुंचकर पहला स्थान हासिल किया।
पेपर मिल कॉलोनी वार्ड भी देश में अव्वल
लखनऊ के खाते में सिर्फ शहर की रैंकिंग नहीं आई। जोन-4 के वार्ड नंबर-70 पेपर मिल कॉलोनी को भी 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में देश का सर्वश्रेष्ठ वार्ड चुना गया। इस वार्ड को उपलब्धि के लिए 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।
मेयर बोलीं- लखनऊवासियों की मेहनत का नतीजा
मेयर सुषमा खर्कवाल ने इसे पूरे शहर की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिलना लखनऊ के लिए गर्व की बात है। मेयर ने इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, नगर विकास मंत्री के मार्गदर्शन, नगर निगम की टीम और शहर के लोगों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम आगे भी राजधानी को स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए काम जारी रखेगा।