Sawan Last Somwar 2026 : भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना अब अपने पूर्णाहुति की ओर है। वर्ष 2026 में सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। सावन माह के सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है। शास्त्रों में भी सावन सोमवार के व्रत और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग का अभिषेक कर महादेव की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपनी मनोकामना के अनुरूप भगवान शिव को कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है।
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मान्यता है कि, सावन के दौरान पूजा-पाठ, दान और पुण्य कार्य करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाते हैं. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ अनीष व्यास ने बताया कि वहीं सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग और कर्क राशि में गुरु की स्थिति से हंस राजयोग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है। ऐसे में सावन के अंतिम सोमवार को शिव आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
सावन का आखिरी सोमवार
सावन के आखिरी सोमवार के दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र बन रहा है। इसके अलावा प्रीति और आयुष्मान योग का संयोग भी रहेगा। सुबह 11:59 से 12:47 तक अभिजीत मुहूर्त रहने वाला है। ज्योतिष दृष्टि से भी यह तिथि खास है, क्योंकि सूर्य-बुध का बुधादित्य योग इस दिन बन रहा है।
प्रीति योग
आयुष्मान योग
हंसराज योग
कैलाश पर शिववास
सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव का वास कैलाश पर है। किसी भी दिन यदि शिवजी की वास कैलाश पर हो तो आप रुद्राभिषेक करा सकते हैं, इससे सुख-समृद्धि, शांति, सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोत्तरी होती है।