Sharadiya Navratri 2026 : भक्ति शक्ति और उपासना के प्रमुख पर्व शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में हम व्रत रखते हैं और मां की पूजा पूर्ण विधि विधान से करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक कि उसमें हवन या यज्ञ न किया जाए? शास्त्रों के अनुसार, नौ दिनों तक की गई पूजा, मंत्र जाप और व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका समापन हवन या यज्ञ से किया जाए। माना जाता है कि हवन के बिना की गई साधना अधूरी रह जाती है और देवी मां तक आपकी प्रार्थनाएं पूरी तरह नहीं पहुंच पाती हैं।
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इसी तरह अष्टमी या नवमी तिथि को होने वाला यह हवन सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व छिपा है। आज के इस 3 मिनट के वीडियो में, आइए जानते हैं नवरात्रि में हवन के इसी अद्भुत रहस्य को!
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब महिषासुर के अत्याचारों से तीनों लोक कांप रहे थे, तब सभी देवताओं ने अपनी ऊर्जा को मिलाकर मां दुर्गा को प्रकट किया। लेकिन मां दुर्गा को महाशक्तिशाली अस्त्र-शस्त्र देने के लिए देवताओं ने एक विशाल यज्ञ किया था।
अग्नि देव ने उस यज्ञ की पवित्र अग्नि से दिव्य हथियार माता को सौंपे। इसके अलावा, जब मां दुर्गा नौ दिनों तक महिषासुर और उसकी असुर सेना से युद्ध कर रही थीं, तब समस्त ऋषियों और देवताओं ने मां की विजय के लिए निरंतर हवन सामग्री से आहुतियां दी थीं। यही कारण है कि नवरात्रि में हवन करना बुराई पर अच्छाई की जीत और माता की असीम शक्ति को जागृत करने का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं कि हवन के बिना नौ दिनों की पूजा का फल सीधे तौर पर देवताओं तक नहीं पहुंचता।
अब बात करते हैं इसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलू की। शास्त्रों में ‘अग्नि’ को देवताओं का मुख माना गया है। हम हवन कुंड में जो कुछ भी समर्पित करते हैं, अग्नि देव उसे सीधे ईश्वर तक पहुंचाते हैं। ‘स्वाहा’ शब्द का उच्चारण करके जब हम आहुति देते हैं, तो हमारे भीतर का अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता उस अग्नि में भस्म हो जाती है।
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वहीं अगर विज्ञान की नजर से देखें, तो हवन सामग्री में इस्तेमाल होने वाले कपूर, आम की लकड़ी, गूगल, लौंग, और शुद्ध घी के जलने से एक खास औषधीय धुआं पैदा होता है। यह धुआं हवा में मौजूद 90% से ज्यादा हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म कर देता है। शारदीय नवरात्रि के समय मौसम बदल रहा होता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में यह हवन हमारे पर्यावरण को शुद्ध कर हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करता है।
तो इस शारदीय नवरात्रि, जब आप हवन कुंड में आहुति दें, तो केवल सामग्री ही नहीं, बल्कि अपने अंदर की सभी बुराइयों को भी उसमें विसर्जित कर दें। सच्चे मन से किया गया हवन आपके घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।