लखनऊ: गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और गोहत्या के खिलाफ कानून बनाने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक यात्रा शुरू की है। आज 11 मार्च को लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सभा होनी है। खनऊ प्रशासन से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस कार्यक्रम को अनुमति तो मिल गई पर 26 शर्तों के साथ। इन शर्तों में नाबालिग बच्चों से विवादित नारे न लगवाना, आतिशबाजी, हथियार पर प्रतिबंध और सांप्रदायिक/जातीय टिप्पणी या उत्तेजक बयान देने की इजाजत नहीं है।
पढ़ें :- पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का कोई संकट नहीं...सीएम योगी ने अफसरों को दिया ये निर्देश
जानें क्या हैं वो 26 शर्तें?
लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम को अनुमति देते हुए LDA, स्मारक समिति और पुलिस ने 26 शर्तें रखी हैं। यह भी कहा गया कि उल्लंघन करने पर परमिशन रद्द भी हो सकती है।
धर्म, जाति, संप्रदाय व भाषा के विरुद्ध भड़काऊ भाषण नहीं होगा।
किसी राजनीतिक/धार्मिक व्यक्ति पर अमर्यादित या विद्वेषपूर्ण भाषा नहीं होगी।
नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे।
पढ़ें :- Video-जल जीवन मिशन के चलते नरक बन चुके गांवों की भयावह हकीकत को बीजेपी MLA ब्रजभूषण राजपूत किया बेपर्दा, बोले- मंत्री ने मांगी थी 30 दिन की मोहलत
सीमित संख्या में वाहनों का प्रवेश, यातायात बाधित नहीं होगा।
पारंपरिक ध्वजदंड के अलावा घातक वस्तु का प्रयोग नहीं होगा।
मांगों का ज्ञापन सक्षम अधिकारी को सौंपा जाएगा।
किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
लगाए गए पुलिस बल का भुगतान आयोजक करेंगे।
पढ़ें :- 'आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, ये शर्त भी रख देते...' अखिलेश ने शंकराचार्य के कार्यक्रम पर लगी शर्तों को लेकर कसा तंज
शांत क्षेत्र में ढोल, संगीत और लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेंगे।
यातायात और अग्निशमन विभाग के निर्देशों का पालन अनिवार्य।
आवश्यक विभागीय अनुमति आयोजक स्वयं प्राप्त करेंगे।
सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्किंग नहीं होगी।
ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 के मानकों का पालन होगा।
नियम उल्लंघन पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दंडनीय।
पढ़ें :- योगी मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द, करीब आधा दर्जन मंत्रियों का पत्ता कटना तय, संगठन के पदाधिकारियों व नए विधायकों को मिलेगा मौका
अन्य आवश्यक अनुमति/लाइसेंस से छूट नहीं होगी।
पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।
ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा (अधिकतम 75 डेसीबल) से अधिक नहीं होगा।
आतिशबाजी, हथियार व हर्ष फायरिंग पूर्णतः प्रतिबंधित।
पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होगी।
पर्याप्त निजी सुरक्षा कर्मी लगाए जाएंगे, अव्यवस्था नहीं होगी।
सांप्रदायिक/जातीय टिप्पणी या उत्तेजक बयान नहीं होगा।
पढ़ें :- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के 'गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध' कार्यक्रम को 26 कड़ी शर्तों के प्रशासन ने दी हरी झंडी, किया उल्लंघन पर स्वतः रद्द हो जाएगी अनुमति
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण बंद रहेगा।
स्थान किराया व अन्य शुल्क आयोजक स्वयं देंगे।
कोविड-19 गाइडलाइन का पालन होगा।
जुलूस या शोभायात्रा की अनुमति नहीं होगी।
किसी शर्त के उल्लंघन पर अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी
भाजपा का एक भी नेता चुनाव नहीं लड़ सकेगा और विपक्ष के लोग घर-बैठे ही चुनाव जीत जाएंगे : वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर
वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि योगी जी अगर यह नियम पूरे यूपी में लागू कर दें, तो पूरी भाजपा मुंह के बल जा गिरेगी। भाजपा का एक भी नेता चुनाव नहीं लड़ सकेगा और विपक्ष के लोग घर-बैठे ही चुनाव जीत जाएंगे।
दरअसल, यह नियम शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की नाक में नथ बांधने के लिए योगी-प्रशासन ने लागू किया है। कल 11 मार्च को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद योगी-सरकार की करतूतों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए लखनऊ-मार्च करने जा रहे हैं। इसी की तैयारी के लिए लखनऊ प्रशासन ने इतने प्रतिबंध लगा दिये हैं।
लागू किये गये इन कड़े नियमों के तहत योगी-प्रशासन ने पनौती टाइप 11 की शुभ संख्या में यह प्रतिबंध लगाये हैं:-
1.किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण पर पूर्ण प्रतिबंध।
2.राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विवाद फैलाने वाली टिप्पणियां नहीं।
3.नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे।
4.वाहनों की सीमित संख्या में ही एंट्री, पार्किंग से यातायात बाधित नहीं होगा।
5.केवल पारंपरिक ध्वज-दंड, कोई घातक वस्तु नहीं।
6.ज्ञापन सक्षम अधिकारी को सौंपा जाएगा।
7.कोई अप्रिय स्थिति होने पर आयोजकों की पूरी जिम्मेदारी, कानूनी कार्रवाई।
8.पुलिस बल का खर्च आयोजकों द्वारा वहन।
9.शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े या संगीत प्रतिबंधित।
1०.यातायात, अग्निशमन नियमों का पालन अनिवार्य।
ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 (धारा 3(1) और 4(1)) का सख्ती से अनुपालन, उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दंड।
11.किसी भी शर्त के उल्लंघन पर अनुमति स्वतः निरस्त, कार्रवाई शुरू।
अखिल भारतीय क्षत्रिय एकता मंच के राष्ट्रीय महासचिव आनंद सिंह का कहना है कि अगर यही नियम पूरे देश में लागू हो जाए और किसी भी उल्लंघन पर दोषियों को कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाए तो सच मानिए भाजपा का न तो कोई सांसद जीत पाएगा और न ही कोई विधायक अथवा कोई प्रधान-पार्षद जीत पाएगा आगामी चुनावों में। विपक्षी अपने घर में बैठकर चुनाव जीत जाएंगे।