लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के शांतिपूर्ण अनशन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता के अहंकार में इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें युवाओं के बर्बाद होते भविष्य और एक अनशनकारी की जान की कोई परवाह नहीं है। संजय सिंह (Sanjay Singh) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि जिस युवा शक्ति का आज दमन किया जा रहा है, वही आने वाले समय में भाजपा की सत्ता के पतन का मुख्य कारण बनेगी।
पढ़ें :- Video Viral : बेंगलुरु में कार ड्राइवर ने अपार्टमेंट के गेट में टक्कर मारी, सिक्योरिटी गार्ड ऐसे बाल-बाल बचा
सोनम वांगचुक की जान दांव पर, लेकिन पीएम मोदी के पास संवाद के लिए समय नहीं
सांसद संजय सिंह ने कहा कि 59 वर्षीय सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर थे। वह अपनी ज़िंदगी दांव पर लगाकर उन करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठा रहे थे जिनका भविष्य 93 पेपर लीक की घटनाओं ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। विडंबना यह है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी देश के प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, अनशन खत्म करने की अपील तक करना ज़रूरी नहीं समझा। सरकार का कोई प्रतिनिधि यह पूछने तक नहीं आया कि आप अपनी जान देने पर क्यों आमादा हैं।
जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।@Wangchuk66 ज़िंदाबाद, युवा शक्ति ज़िंदाबाद। pic.twitter.com/dcl8cHMeqM
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 18, 2026
पढ़ें :- छतरी को माइक बना, छात्राओं की मजाकिया रिपोर्टिंग वायरल, विधायक ने रातों-रात भरवाए गड्ढे
जंतर-मंतर पर पुलिसिया गुंडागर्दी और सोनम वांगचुक की ज़बरन गिरफ़्तारी शर्मनाक
संजय सिंह ने कहा कि आज अचानक भारी पुलिस बल ने जंतर-मंतर को चारों तरफ से घेर लिया और वहां मौजूद नौजवानों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया। सोनम वांगचुक को उनके अनशन स्थल से ज़बरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भी छीन लिया गया है? यह पूरी तरह से गुंडागर्दी है और सत्ता का दुरुपयोग है।
20 तारीख के संसद मार्च से डरी मोदी सरकार ने रची दमन की साज़िश
संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक ने 20 तारीख को संसद सत्र की शुरुआत के मौके पर देश की जनता, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से संसद मार्च का आवाहन किया था। प्रधानमंत्री को डर था कि यह आवाज़ एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लेगी। इसी डर के कारण रातों-रात दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बदला गया ताकि सोनम वांगचुक को गिरफ़्तार किया जा सके और इस आंदोलन को कुचला जा सके।
पढ़ें :- अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए पहले दिन आठ पूर्व अफसरों ने दिया इंटरव्यू, जानें नियुक्ति प्रकिया के बारे में
सत्ता का अहंकार नहीं रहेगा, युवा शक्ति ही उखाड़ फेंकेगी भाजपा का तख्त
संजय सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि मोदी जी, इतना अहंकार अच्छा नहीं है। आपने कभी किसानों के आंदोलन को कुचला, कभी माताओं-बहनों पर अत्याचार किया और अब नौजवानों को लाठियों से पीट रहे हैं। याद रखिएगा, जिस युवा पर आज आप लठ्ठ बजा रहे हैं, वही आपके तख्त को उखाड़ कर फेंकेगा। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की है कि वे एकजुट होकर सोनम वांगचुक का साथ दें और इस लड़ाई को कमज़ोर न पड़ने दें।