लखनऊ। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, सपा-कांग्रेस का मतलब है परिवारवाद, तुष्टीकरण और पिछड़ेपन की राजनीति। उत्तर प्रदेश की जनता ने 2027 में फिर प्रचंड बहुमत से तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का मन बना लिया है।
पढ़ें :- पीएम मोदी की सद्बुद्धि के लिए कांग्रेस ने किया यज्ञ, दिग्विजय सिंह बोले- 1.11 लाख का चंदा दिया, अब अयोध्या कोर्ट में वाद दायर करेंगे
केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सपा और कांग्रेस में परिवारवाद के अलावा कोई साम्यता नहीं है। दोनों दलों में आपस में न कोई भरोसा है और न ही कोई तालमेल। उनके बीच एक ‘अवसरवादी मेल’ है। जनता 2017 में इनके ‘स्वार्थी ठगबंधन’ की हवा निकाल चुकी है। 2027 में इनका राजनीतिक सूपड़ा साफ होना तय है। जनता अच्छी तरह से समझ चुकी है कि सपा-कांग्रेस का मतलब है परिवारवाद, तुष्टीकरण और पिछड़ेपन की राजनीति।
सपा और कांग्रेस में परिवारवाद के अलावा कोई साम्यता नहीं है। दोनों दलों में आपस में न कोई भरोसा है और न ही कोई तालमेल। उनके बीच एक ‘अवसरवादी मेल’ है।
जनता 2017 में इनके ‘स्वार्थी ठगबंधन’ की हवा निकाल चुकी है। 2027 में इनका राजनीतिक सूपड़ा साफ होना तय है। जनता अच्छी तरह से समझ…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) May 22, 2026
पढ़ें :- Video-सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी को पड़ा दिल का दौरा, अखिलेश यादव पहुंचे सिविल हॉस्पिटल
उन्होंने आगे लिखा, वहीं भाजपा विकास, सुशासन, सुरक्षा और गरीब कल्याण के दम पर जनता का भरोसा जीत रही है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 2027 में फिर प्रचंड बहुमत से तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का मन बना लिया है।
बता दें कि, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। कुछ महीनों बाद यूपी में विधानसभा चुनाव का शंखनाद होने जा रहा है। ऐसे में एक दूसरे पर हमले तेज हो गए हैं। केशव मौर्य की तरफ से लगातार अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा जा रहा है।
इसके साथ ही केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को क़ायदे से मालूम होना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड और पनडुब्बी जैसे अनेक घोटाले देश के प्रति ‘ग़द्दारी’ थे। इनमें कांग्रेस के हाथ के साथ विदेशी हाथ थे। इन घोटालों की कालिख गांधी परिवार की चौखट तक पहुंची थी।