डिजिटल डेस्क, पर्दाफाश। श्रीनगर में आयोजित जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का एक कार्यक्रम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। समारोह में इसका पूरा संस्करण गाया गया। कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।
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मामला तब गरमा गया जब कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और अपनी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख का समर्थन करने की अपील की।
वेणुगोपाल का तर्क है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में वही रूप अपनाया जाना चाहिए, जिसे ऐतिहासिक रूप से स्वीकार किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि शुरुआती दो अंतरों को अपनाने के पीछे उद्देश्य गीत को लेकर किसी तरह का सांप्रदायिक विवाद पैदा होने से रोकना था।
The full version of Vande Mataram sits uneasily with the syncretic and pluralist ethos that our freedom fighters envisioned and nurtured for India.
For us, the considered judgment of Mahatma Gandhi, Pandit Nehru, Sardar Patel, Subhash Chandra Bose, Rajendra Prasad, Acharya… pic.twitter.com/VngmVUmevz
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— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) September 8, 2026
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने साफ किया- फैसला थोपने की कोशिश न हो
कांग्रेस की आपत्ति पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया। पार्टी नेता बशीर अहमद ने कहा कि गठबंधन में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस यह तय करेगी कि ‘वंदे मातरम’ कब और कितना गाया जाए।
उन्होंने कहा कि केसी वेणुगोपाल को अपनी राय रखने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनकी राय को दूसरे दल पर लागू नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक यह लोगों की पसंद से जुड़ा विषय है और नेशनल कॉन्फ्रेंस किसी पर अपनी पसंद थोपने के पक्ष में नहीं है।
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बीजेपी बोली- कांग्रेस नई मुस्लिम लीग
विवाद बढ़ने के साथ बीजेपी भी कांग्रेस पर हमलावर हो गई। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रुख को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे ‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस की आपत्ति उसके बदलते राजनीतिक रवैये को दिखाती है। त्रिवेदी ने यहां तक कहा कि कांग्रेस 21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग बन चुकी है।
दरअसल ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने फैसला किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में गीत के छह अंतरों में से केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। यह निर्णय 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के बाद लिया गया था, जहां गीत के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। बीजेपी ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी पूरे ‘वंदे मातरम’ का गायन नहीं कर उसका अपमान कर रही है। अब श्रीनगर के फिल्म महोत्सव में पूरा संस्करण गाए जाने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के बीच ही इस मुद्दे पर मतभेद सामने आ गए हैं।