नई दिल्ली। महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा (MPSC Drug Inspector Recruitment Exam) को लेकर एक बार फिर पेपर लीक के दावे सामने आए हैं। सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल कथित व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chat) और तस्वीरों के आधार पर कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
पढ़ें :- सोशल मीडिया आज की आवश्यकता, अच्छे कंटेंट डालिए, फेक अकाउंट के बारे में लोगों को बताएं...शिक्षकों से सीएम योगी की अपील
पेपर लीक को लेकर क्या दावा किया गया है?
पुन्हा एकदा महाराष्ट्रात पेपरफुटी!
MPSC च्या Drug Inspector भरती परीक्षेची प्रश्नपत्रिका परीक्षा होण्यापूर्वीच WhatsApp वर फिरल्याचे दावे, गुणांतील कथित गैरव्यवहार आणि अधिकृत तक्रारींसह पुरावे समोर आले… तरीही सरकार आणि यंत्रणा शांत?
लाखो विद्यार्थ्यांच्या भविष्याशी खेळ… pic.twitter.com/GAVrdIgPP2
पढ़ें :- क्या डिप्रेशन में गई धर्मेंद्र प्रधान की बेटी! ऑनलाइन ट्रोलिंग के बाद इंस्टाग्राम अकाउंट किया डिसेबल
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) July 27, 2026
दावा किया जा रहा है कि MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा (MPSC Drug Inspector Recruitment Exam) 22 मार्च को आयोजित हुई थी, जबकि उसका प्रश्नपत्र 20 मार्च को ही व्हाट्सएप पर प्रसारित हो रहा था। आरोप है कि कथित तौर पर यह पेपर 5 रुपये लाख में बेचा गया। साथ ही व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chat) और मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है। दावों के अनुसार, MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा (MPSC Drug Inspector Recruitment Exam) से पहले व्हाट्सएप पर 78 सवाल भेजे गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल कथित व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल प्रसारित हो रहे थे।
हर्षवर्धन सपकाल ने क्या आरोप लगाए?
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal, President of the Maharashtra Pradesh Congress Committee) ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर प्रसारित होने, अंकों के आवंटन में कथित गड़बड़ियों और साक्ष्यों के साथ शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार और संबंधित तंत्र चुप हैं। सपकाल ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कथित पेपर लीक रैकेट किसके संरक्षण में चल रहा है और सरकार के किस मंत्री के आशीर्वाद से ऐसी गतिविधियां हो रही हैं।