1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. जमुई वीडियो कांड: वीडियो शेयर करने से पहले सोचें, कानूनी कार्रवाई का हो सकता है खतरा

जमुई वीडियो कांड: वीडियो शेयर करने से पहले सोचें, कानूनी कार्रवाई का हो सकता है खतरा

बिहार के जमुई में छेड़खानी से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला बेहद चर्चा में है। पुलिस ने वीडियो को फैलाने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक या अपराध से जुड़े वीडियो को बिना सोचे-समझे शेयर करने के कानूनी जोखिम पर भी सवाल उठा दिए हैं।

By Sushil Sah 
Updated Date

जमुई। बिहार के जमुई में छेड़खानी से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला बेहद चर्चा में है। पुलिस ने वीडियो को फैलाने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक या अपराध से जुड़े वीडियो को बिना सोचे-समझे शेयर करने के कानूनी जोखिम पर भी सवाल उठा दिए हैं।

पढ़ें :- VIDEO : सनकी सऊद स्कूल में घुसा और क्लासरूम से निशात फातिमा को खींचकर ले गया फिर दागी तीन गोलियां, आरोपी सोशल मीडिया पर लिखा था अलविदा

बता दें कि किसी अपराध का वीडियो सामने आने पर उसे री-पोस्ट, फॉरवर्ड या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से शेयर करना हमेशा सही नहीं होता। खासतौर पर तब, जब वीडियो में पीड़ित की पहचान उजागर हो रही हो। ऐसा करने से पीड़ित की निजता और गरिमा प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में वीडियो को वायरल करने के बजाय संबंधित पुलिस या साइबर अपराध प्राधिकरण को सूचना देना सबसे उचित है।

वीडियो शेयर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक वीडियो को पोस्ट करने से पहले यह देखना बेहद जरूरी है कि उसमें पीड़ित की पहचान, चेहरा, नाम, मोबाइल नंबर, पता या अन्य निजी जानकारी कहीं सामने तो नहीं आ रही है। ऐसे में किसी भी नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर करना कानूनन गंभीर मामला हो सकता है। इसके अलावा, वीडियो के साथ बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति का नाम जोड़कर उसे आरोपी बताना भी कानूनी विवाद खड़ा कर सकता है। किसी वीडियो को एडिट करके, भ्रामक कैप्शन लगाकर या संदर्भ से हटाकर वायरल करना भी आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

इसका सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि ऐसे वीडियो को आगे शेयर करने के बजाय उसे सुरक्षित सबूत के तौर पर संबंधित पुलिस अथॉरिटी को उपलब्ध कराया जाए। क्योंकि किसी भी पोस्ट की कानूनी स्थिति उसके कंटेंट, संदर्भ और संबंधित कानूनों पर निर्भर करती है, इसलिए हर मामले में कार्रवाई एक जैसी नहीं होती।

पढ़ें :- जहानाबाद में रेलवे ट्रैक किनारे मिला फाइनेंस कंपनी मैनेजर का सिर कटा शव, जांच में जुटी पुलिस

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...