प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की मौत का बेहद दुखद मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के डर और मानसिक दबाव के बीच छात्रा ने आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना से परिवार में मातम छाया हुआ है। इस मामले में सबसे ज्यादा दिल को झकझोरने वाली बात यह रही कि छात्रा की मौत के बाद जब NEET की काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो उसमें उसका भी नाम सामने आया।
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बताया जा रहा है कि छात्रा NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी और उसे उम्मीद थी कि वह मेडिकल कॉलेज में दाखिला हासिल करेगी। वहीं परीक्षा और भविष्य को लेकर उस पर काफी दबाव था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्रा ने कथित तौर पर अपने माता-पिता के लिए एक भावुक संदेश भी छोड़ा, जिसमें उसने उनसे माफी मांगी थी, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रा बीते सोमवार को अपने कमरे में थी और काफी देर तक बाहर नहीं आई। परिजनों को चिंता होने पर कमरे की जांच की गई, जिसके बाद घटना का पता चला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल इस गंभीर मामले की जांच चल रही है।
परिवार के लिए यह घटना इसलिए और ज्यादा सदमे वाली बन गई क्योंकि छात्रा की मौत के बाद काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई। काउंसलिंग लिस्ट में उसका नाम देखकर परिजनों को पता चला कि जिस परीक्षा को लेकर वह खुद को असफल मान रही थी, उसमें उसके लिए भविष्य में आगे बढ़ने का मौका था।
बता दें कि यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक और सामाजिक दबाव की ओर भी ध्यान खींचती है। NEET जैसी परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। जिसमें हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी तनाव, असफलता के डर और भविष्य की चिंता से पीड़ित होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी परीक्षा में सफलता या असफलता को जिंदगी की अंतिम मंजिल नहीं मानना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका भी बेहद अहम है। साथ ही छात्रों को परिणाम के बजाय उनके प्रयास और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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यदि कोई छात्र लगातार तनाव, निराशा या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचारों से जूझ रहा हो, तो उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और तुरंत परिवार, शिक्षक, काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेनी चाहिए।