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NEET में तीसरी बार असफल होने पर छात्रा ने दी जान, आखिर कब थमेगा परीक्षाओं का यह खौफ?

By Sushil Sah 
Updated Date

जगदलपुर। देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के परिणामों के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक बेहद ही दुखद खबर सुनने में आया है जहां परीक्षा के दबाव के चलते एक छात्रा की मौत की सूचना सामने आई है। वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं और स्वजनों को सहायता भी प्रदान की जा रही है।

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मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षाओं का दबाव

इस मार्मिक घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षाविदों और मनोचिकित्सकों (Educationists and psychiatrists) का कहना है कि परीक्षाओं के परिणामों को लेकर ज्यादा तनाव छात्रों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा इन विशेषज्ञों ने कहा कि यह आवश्यक है कि समाज और परिवार बच्चों को यह समझाएं कि असफलता जीवन खत्म नहीं होता है।

मदद और सहायता के स्रोत

यदि आप या आपके परिचित किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या दबाव से गुजर रहे हैं, तो कृपया नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें—

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किरण (Kiran),  मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 1800-599-0019

टेली-मानस (Tele-MANAS): 14416 या 1800-891-4416

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि छात्र नियमित अंतराल पर ब्रेक लें, अपनी भावनाओं को साझा करें और आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर परामर्श लेने में न हिचकिचाएं। इसके अलावा वैकल्पिक करियर और ‘प्लान-बी’ के बारे में जागरूकता भी तनाव कम करने में सहायक हो सकती है।

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