Sugar Price Hike : त्योहारों से पहले देश में बढ़ रही चीनी की कीमतों को लेकर सियासत गरमाने लगी है। विपक्ष चीनी की कमी के बीच E20 पेट्रोल के लिए गन्ने से Ethanol की नीति पर सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच, कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने चीनी की कीमतें बढ़ने को लेकर मोदी सरकार से तीन सवाल पूछे हैं। जिनमें चीनी के निर्यात-आयात, महंगाई और Ethanol निर्माण की नीति पर सवाल खड़े किए गए हैं।
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कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है। मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल: 1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे पहुँच गई?’ त्योहारों से पहले चीनी की कीमत बढ़ने पर उन्होंने पूछा, ‘तीन महीने में चीनी करीब 40% महँगी हो गई —त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है?’
त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।
मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल:
1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे… pic.twitter.com/hO9wLYgVWN
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— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 22, 2026
खरगे आगे लिखा, ‘जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए Ethanol बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही? ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है? पहले चीनी का उत्पादन घटा, फिर स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर पहुँचा, अब विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं — और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए Ethanol में झोंक रहे हैं !’
बता दें कि देश में वर्तमान में खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमत बढ़कर लगभग 52 से 58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि कुछ राज्यों और स्थानीय बाजारों में यह 65 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। पिछले महीने चीनी 45 से 46 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी। अचानक इस वृद्धि ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ये ऐसे वक्त पर हुआ है, जब रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहार नजदीक हैं।