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परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं, यह देश की बेटियों को विधानसभा और संसद में नहीं आने देना चाहते: पीएम मोदी

By शिव मौर्या 
Updated Date

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वाराणसी में महिला सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, कुछ देर पहले दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है, काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई। ये दोनों अमृत भारत ट्रेनें यूपी और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगी। अब मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र के लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिल गया है। मैं इस शुभारंभ के लिए देशवासियों को बधाई देता हूं।

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उन्होंने आगे कहा, आज का यह अवसर नारी शक्ति के वंदन और विकास का उत्सव तो है ही, थोड़ी देर पहले यहां हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें विकास से जुड़ी हर प्रकार की परियोजनाएं हैं। साथ ही काशी और अयोध्या की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले काम भी हैं। भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है। और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है।

पीएम ने आगे कहा, काशी के सांसद के तौर पर, देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए। और यह बड़ा लक्ष्य है, लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना। अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा।

हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया तो देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने। 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के बैंक खाते खुले। 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया।
12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया। यानी अनेक बड़ी योजनाओं के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया।

सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है। बीते 11 वर्षों में देश की करीब 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, इन समूहों को लाखों रुपये की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना काम कर रही हैं। ऐसे ही प्रयासों से 3 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। असल में यह सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। यह परिवारवादी दल देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते हैं। जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों और स्थानीय निकायों तक अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा। इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। इसलिए जो परिवारवादी दल हैं वह संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं।

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पीएम मोदी ने आगे कहा, नई संसद बनी तो पहला काम हमने बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ही किया। 40 वर्षों से बहनों का यह अधिकार लटका हुआ था, इसलिए 2023 में संसद में नारी शक्ति अधिनियम पारित करवाया। कानून बनने के बाद उसका लागू होना आवश्यक होता है, इसलिए पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा की गई। संविधान में संशोधन को लेकर हम कानून लेकर आए। यह संशोधन ऐसा था जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और लोकसभा में पहुंच पातीं, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 सालों से रोक लगाई हुई थी और फिर इसे लाल झंडी दिखा दी।

 

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