Sleep Affect Bone Health : नींद की कमी हेल्थ को विशेष रूप से प्रभावित करती है। पर्याप्त आराम न मिलने की वजह से सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि आपकी हड्डियों को भी अंदर से कमजोर कर सकती है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि अपर्याप्त नींद, विशेष रूप से प्रति रात 5-7 घंटे से कम नींद, हड्डियों के खनिज घनत्व (बीएमडी) को कम करके और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को बढ़ाकर हड्डियों के स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाती है। नींद और बोन हेल्थ का गहरा साइंटिफिक कनेक्शन।
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दरअसल,अक्सर हमलोग हड्डियों की कमजोरी को उम्र या कैल्शियम की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन नींद की कमी भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। नींद और हड्डियों के बीच का ये कनेक्शन साइंस से जुड़ा हुआ है और इसे समझना आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है।
अध्ययनों से पता चलता है कि जो व्यक्ति 5 घंटे या उससे कम सोते हैं, उनमें पर्याप्त आराम पाने वालों की तुलना में कूल्हे, रीढ़ और पूरे शरीर में हड्डियों का खनिज घनत्व काफी कम होता है।
नींद में होती है हड्डियों की मरम्मत
जब हम गहरी नींद में होते हैं, तभी शरीर खुद को रिपेयर करता है। इसी दौरान हड्डियों में नए टिश्यू बनने और पुराने डैमेज को ठीक करने की प्रक्रिया चलती है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो ये रिपेयर सिस्टम सही से काम नहीं कर पाता। नतीजा यह होता है कि हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, भले ही आप कैल्शियम ले रहे हों।
ग्रोथ हार्मोन
नींद की कमी से शरीर में ग्रोथ हार्मोन और मेलाटोनिन का स्तर प्रभावित होता है। ये दोनों हार्मोन हड्डियों की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। जब नींद कम होती है, तो हड्डियों को मजबूत बनाने वाले हार्मोन कम बनने लगते हैं और हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
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कैल्शियम एब्जॉर्प्शन
कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नींद की कमी से शरीर कैल्शियम को सही तरीके से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता। यानी आप चाहे कितना भी अच्छा खानपान क्यों न लें, अगर नींद पूरी नहीं है तो हड्डियों तक पोषण सही से नहीं पहुंच पाता। यही वजह है कि नींद कम लेने वालों में बोन डेंसिटी कम पाई जाती है।