Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. सेहत
  3. Health Care: महिलाओं में नजर आते हैं विटामिन-डी की कमी के ये संकेत, भूलकर कर न करें नज़रअंदाज़

Health Care: महिलाओं में नजर आते हैं विटामिन-डी की कमी के ये संकेत, भूलकर कर न करें नज़रअंदाज़

By Aakansha Upadhyay 
Updated Date

विटामिन-डी जो की हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है । ये  एक ऐसा विटामिन है, जिसे हमारा शरीर नेचुरली धूप की मदद से बनाता है। लेकिन फिर भी मोसल्टी लोगों में इसकी कमी देखने को मिलती है। विटामिन-डी की कमी महिलाओं में भी काफी आम है। विटामिन-डी की कमी के लक्षण इतने सामान्य और धीरे-धीरे दिखाई देते हैं कि महिलाएं अक्सर उन्हें थकान या तनाव का नाम देकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन बात सिर्फ थकान तक नहीं है ये प्रॉबलम नज़रअंदाज़ करने से आपको भारी सेहत नुकसान का सामना करना पड़ता है । इसलिए इनकी पहचान करना जरूरी है।

पढ़ें :- Health Tips : एक महीना बिना प्याज और लहसुन का प्रयोग न करने से शरीर में क्या होता है बदलाव? जानें इसका नफा-नुकसान

पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द

अगर आपकी पीठ के निचले हिस्से में, खासतौर से रीढ़ की हड्डी में, लगातार दर्द या अकड़न बनी रहती है, तो यह विटामिन-डी की कमी का एक अहम संकेत हो सकता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे दर्द की शिकायत हो सकती है।

हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना

अगर भरपूर नींद  लेने के बाद भी थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो इसका कारण विटामिन-डी कम होना भी हो सकता है। विटामिन-डी सेरोटोनिन यऔर डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमिटर्स का फ्लो रेगुलेट करता है। इसलिए शरीर में इसकी कमी होने पर थकान महसूस होने लगती है।

पढ़ें :- Health Tips : हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है अखरोट, जानिए किन 7 लोगों को इससे बनानी चाहिए दूरी

बालों का झड़ना

बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन विटामिन-डी की कमी भी इनमें से एक है। विटामिन-डी हेयर फॉलिकल्स के स्वास्थ्य और नए बालों के विकास के लिए जरूरी है। अगर बाल सामान्य से ज्यादा मात्रा में झड़ रहे हैं, तो यह विटामिन-डी की कमी की चेतावनी हो सकती है।

मूड स्विंग्स और उदासी महसूस होना

क्या आपने कभी गौर किया है कि धूप में बैठने से मूड फ्रेश हो जाता है? इसका सीधा संबंध विटामिन-डी से है। यह विटामिन दिमाग में सेरोटोनिन नाम के ‘फील-गुड’ हार्मोन के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है। इसकी कमी से चिड़चिड़ापन, मूड में उतार-चढ़ाव और यहां तक कि डिप्रेशन की भावना पैदा हो सकती है।

 

पढ़ें :- Health Tips : 2 घंटे की फिल्म से कहीं ज्यादा खतरनाक है 30 सेकंड की रील्स, खोखला कर रही बच्चों का दिमाग

 

Advertisement