पीरियड्स के दौरान अधिकतर लड़कियों को पेट में तेज दर्द, ऐंठन या सूजन की दिक्कत रहती है। वहीं कुछ लड़कियों को पीरियड्स की अनियमितता से भी परेशान रहती है। ऐसे में औषधियों गुणों से भरपूर एक रेड वुड या साप्पन की लकड़ी या पटरंगा फायदेमंद होती है।
पढ़ें :- पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंग दानकर पेश की अनूठी मिसाल, मरणोपरांत भी धड़केगा दिल
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल ने इंस्टाग्राम पर इसे लेकर दिलचस्प पोस्ट शेयर की है। साप्पन की की लकड़ी औषधीय गुणों से भरपूर होती है और इसमें कई समस्याओं को दूर भगाने में मदद करती है।
पीरियड के दौरान या नियमित चाय या काढ़े का सेवन करने से समस्याओं में राहत मिलती है। पीरियड्स पेन, अनियमित पीरियड या कोई भी समस्या हो तो इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे चमत्कारिक औषधि बताया गया है। ये स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है। साप्पन की लकड़ी का सेवन करने से शरीर की इम्युनिटी तेजी से बढ़ती है, मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं जैसे तेज दर्द, बैचेनी, अनियमित पीरियड्स दूर होती है औरचेहरे पर ग्लो आने के साथ कील मुहांसे, डार्क सर्कल और दाग धब्बों से छुटकारा मिलता है।
मुनमुन गनेरीवाल के अनुसार इसका बिना किसी झंझट के इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पीरियड्स की समस्याएं कोसों दूर भाग जाती हैं। इसके लिए आपको 1 लीटर पानी उबालना है और उसमें एक चुटकी पाथिमुघम या साप्पन की लकड़ी डालना है। अब इसे 5 मिनट तक उबलने दें। इसके बाद छान लें और इसे थर्मस फ्लास्क में स्टोर करें। इसके बाद गर्म पाथिमुघम पानी का सेवन करें। इसके सेवन से तुरंत आराम मिलता है।
पढ़ें :- Roti Flour : रोजाना की ऊर्जा के लिए चोकरयुक्त गेहूं का आटा, चुस्ती-फुर्ती बरकरार रहेगी
वहीं, आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि साप्पन की लकड़ी चंदन की लकड़ी के बराबर ही गुणकारी होती है। इसका इस्तेमाल काढ़ा या चाय के रूप में किया जा सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसे पानी में उबालकर जो सत्व निकलता है उसका सेवन करने से पेट की समस्या न सिर्फ खत्म होती है बल्कि चेहरे या त्वचा से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद होती है। यूं तो इसका कोई नुकसान नहीं होता लेकिन इस्तेमाल से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।