कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने अब विधानसभा में अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। इस फैसले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दी। टीएमसी का यह फैसला तब आया, जब एक दिन पहले ही सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। चुनाव में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से हार गई थीं, जिसके बाद पार्टी को विधानसभा में एक अनुभवी चेहरे की जरूरत थी।
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लंबे राजनीतिक अनुभव पर पार्टी का भरोसा
शोभनदेब चट्टोपाध्याय बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने बालीगंज सीट से बड़ी जीत दर्ज की और लगातार 10वीं बार विधायक बने हैं। राजनीति की शुरुआत उन्होंने कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी में शामिल हो गए। उन्हें पार्टी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। टीएमसी सरकार के अलग-अलग कार्यकाल में उन्होंने बिजली, कृषि और संसदीय कार्य जैसे अहम विभाग संभाले। 2021 में उन्होंने ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट छोड़ी थी। पार्टी ने असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उप-नेता प्रतिपक्ष बनाया है, जबकि कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हाकिम सदन में मुख्य सचेतक की भूमिका निभाएंगे।