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उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ट्रैकमैनों को नहीं मिला जूता, फटा या बाजार से खरीद कर जूता पहनने को मजबूर ट्रैकमैन

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल (North Railway Lucknow Division) में ट्रैकमैन की स्थिति काफी दयनीय है। रेलवे के तरफ से दिए जाने वाले मूल भुत सुविधाओं से भी ट्रैकमैनों को वंचित रखा जा रहा है। रेलवे बोर्ड (Railway Board) के नियमों के अनुसार प्रत्येक 6 महीने पर एक जोड़ी जूता देने का प्रावधान है, लेकिन बीते वर्ष 2024 में सुलतानपुर उपमंडल (Sultanpur Subdivision) के लम्भुआ एवं रेलपथ प्रथम सुलतानपुर सेक्शन (Lamhua and Railpath Pratham Sultanpur section) में जिन ट्रैकमैनों को पांच एवं छह नम्बर साइज का जूता लगता है उन्हें एक भी जूता नहीं दिया गया। इसके अलावा अन्य लोगों को दो के बदले सिर्फ एक जूते से संतोष करना पड़ा। वरिष्ठ खंड अभियंता रेलपथ कार्यालय में पता करने पर बताया गया कि आलमबाग स्टोर से पांच एवं छह नम्बर साइज का जूता नहीं दिया गया है।

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उन्हें मिलने वाले सामानों के लिए पैसे को वेतन के साथ कर दिया जाए भुगतान : ट्रैकमैन

बता दें कि सात महीने पहले ही जूते का साइज पूछा गया था उसके बावजूद भी जूता उपलब्ध नहीं होने से रेल प्रशासन की कर्मचारियों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। सेफ्टी जूते ना मिलने के कारण ट्रैकमैन फटा या बाजार से खुद खरीद कर जूता पहनने को मजबूर हैं। कर्मचारी बतातें हैं कि रेलवे ट्रैक के गिट्टी पर चलने तथा कार्य करने के कारण ट्रैकमैन का जूता बहुत जल्द ही फट जाता है। रेलवे प्रशासन की ढुलमुल रवैया के कारण ट्रैकमैनो का कहना है कि उन्हें मिलने वाले सामानों जैसे- जूता, बरसाती, ठंडी का जैकेट,दस्ताना,साबुन, टार्च इत्यादि के पैसे को वेतन के साथ भुगतान कर दिया जाए।

 

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