Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली में ट्रांसजेंडरों को जिलाधिकारी के पास आवेदन करने के तीस दिन बाद मिलेगा नया पहचान पत्र

दिल्ली में ट्रांसजेंडरों को जिलाधिकारी के पास आवेदन करने के तीस दिन बाद मिलेगा नया पहचान पत्र

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना (Delhi LG VK Saxena) ने  ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियम, 2025 बनाए हैं। इससे उन्हें Identity Card देने और Welfare सुनिश्चित करने को कल्याण बोर्ड (Welfare  Board) बनाने का रास्ता साफ हो गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) विधिवत भरे हुए आवेदन प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के लिए पहचान का प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

पढ़ें :- India-China border : भारत-चीन ने 6 साल बाद खोली सीमा,लिपुलेख दर्रे— सिक्किम के रास्ते आज से कारोबार शुरू

दिल्ली सरकार की ओर से एक ट्रांसजेंडर कल्याण सशक्तीकरण बोर्ड (Transgender Welfare Empowerment Board) का गठन किया जाना है। जिसके समाज कल्याण मंत्री अध्यक्ष होंगे। बोर्ड में गृह, वित्त, योजना, कानून, श्रम, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, शिक्षा और राजस्व विभागों सहित अन्य एजेंसियों का एक-एक प्रतिनिधि भी सदस्य होगा। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और समुदाय के कल्याण के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों या संघों के तीन-तीन सदस्य भी बोर्ड के सदस्य होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2020 में ट्रांसजेंडरों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून को अधिसूचित किया था, लेकिन दिल्ली की पिछली सरकार ने इसे नहीं अपनाया। दिल्ली में ट्रांसजेंडरों की अनुमानित संख्या ज्ञात नहीं है, हालांकि 2011 की जनगणना के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे 4,200 व्यक्ति थे। इसके अलावा, दिल्ली में 1,200 से ज्यादा पंजीकृत ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह बोर्ड ट्रांसजेंडरों को सामान्य जीवन व्यतीत करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही उन्हें उनका अधिकार भी दिलाएगा।

ट्रांसजेंडर अपनी लिंग पहचान को स्वयं प्रमाणित करते हुए जिला मजिस्ट्रेट से प्रमाणपत्र एवं पहचान पत्र प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी इमारतों में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग शौचालय का निर्माण व सरकारी अस्पतालों में अलग वार्ड और लिंग पहचान आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होगी। शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों को इन्हें लेकर संवेदनशील बनाने के जागरूकता अभियान चलेगा। अस्थायी आश्रय गृह, रोजगार प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तैयार की गई हैं।

रिपोर्ट: सतीश सिंह

पढ़ें :- भाजपा का अहंकार ही गिरायेगा उनकी सरकार...अखिलेश यादव ने साधा निशाना
Advertisement