Russia–Ukraine Peace Agreement: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की सोमवार को अमेरिका पहुंचने वाले हैं। जहां पर वह ट्रंप इस मुलाकात करेंगे। इस दौरान अमेरिका ज़ेलेंस्की पर यूक्रेन के कुछ प्रमुख इलाकों को रूस को सौंपने का दबाव बनाया जा सकता है। इसके बात के संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही दे दिए हैं। दरअसल, ट्रंप ने अपनी मंशा साफ करते हुए कहा है कि कि यूक्रेन को कुछ सच्चाई का सामना भी करना पड़ेगा। उन्हें न तो नॉटो की सदस्यता मिलेगी और न ही ओबामा का गंवाया हुआ क्रीमिया।
पढ़ें :- इलेक्शन कमीशन का पूरा का पूरा भेद खुल गया, इतना घटिया काम कभी लोकतंत्र में नहीं हुआ होगा: अखिलेश यादव
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अगर चाहें तो रूस के साथ इस युद्ध को तत्काल प्रभाव से खत्म कर सकते हैं, और अगर वह इस युद्ध को जारी रखना चाहते हैं, तो रख सकते हैं। लेकिन इतना याद रहे कि यह आखिर शुरू कैसे हुआ था। आपको ओबामा गंवाया गया क्रीमिया (12 साल पहले, बिना एक भी गोली चलाए) और इसके अलावा नाटो की सदस्यता भी नहीं मिलेगी। कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं।’
इससे पहले ज़ेलेंस्की ने ट्रंप के ऐतिहासिक शांति समझौते के लिए यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देने की पेशकश की सराहना की। साथ ही उन्होंने ट्रंप के साथ अपनी मुलाकात से पहले कहा कि यूक्रेन अपनी अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और वह अपनी शर्तों पर युद्ध रोकने के लिए तैयार होंगे। इसी बीच यूरोपीय देशों ने भी यूक्रेन का समर्थन किया है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, ‘ये एक ऐतिहासिक निर्णय है कि संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी में भाग लेने के लिए तैयार है। इन गारंटी को हमारे संयुक्त प्रयासों का परिणाम होना चाहिए जो सच में व्यावहारिक हों, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र में सुरक्षा शामिल हो और यूरोप की भागीदारी के साथ विकसित की जाए।’