नई दिल्ली। असंगठित कामगार एवं रोजगार कांग्रेस (KKC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद उदित राज (Udit Raj) एक्स पोस्ट पर लिखा कि बीते दिनों लखनऊ में मायावती (Mayawati) के बारे में दिए गए बयान पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने लिखा कि सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि मेरे बयान का कांग्रेस से न जोड़ा जाए । उन्होंने बताया कि 16 फ़रवरी को लखनऊ के सहकारिता भवन में प्रथम दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज़ और आदिवासी परिसंघ का सम्मेलन हुआ और जिसकी अध्यक्षता जस्टिस सभाजीत यादव ने की। उन्होंने कहा कि मैं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित था। सम्मेलन के बाद कल प्रेस वार्ता किया जिसके कारण गला घोंटने की बात का विवाद पैदा हुआ। जस्टिस सभाजीत यादव भी वार्ता में थे।
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सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहूँगा कि मेरे बयान का कांग्रेस से न जोड़ा जाए । 16 फ़रवरी को लखनऊ के सहकारिता भवन में प्रथम दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज़ और आदिवासी परिसंघ का सम्मेलन हुवा और जिसकी अध्यक्षता जस्टिस सभाजीत यादव ने की । मैं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित था । सम्मेलन के बाद… https://t.co/ROkOV446VZ
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उदित राज ने लिखा कि मायावती ने 4 दशक से झूठ, दुष्प्रचार और कांग्रेस को दलित विरोधी बताकर लोगों को भ्रमित किया। डॉ. अंबेडकर को ढाल बनाकर कांग्रेस का गला काटा और सत्ता का सुख लूटा। करोड़ों बहुजन कार्यकर्ता भूखे, प्यासे होकर आंदोलन को सृजित किए । इनके चंदे , परिश्रम और बलिदान का गला घोटा। बीएसपी (BSP) ने कभी RSS के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला । आज भी कुछ न कुछ कारण और बहाना बनाकर कांग्रेस को ही निशाना बनाती रहती हैं ताकि दलित जुड़े न। पूरे बहुजन आंदोलन का गला काटने वाले को घर बैठाने का समय आ गया।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस की उदारता रही कि 4 दशक से अंबेडकर और दलित विरोधी आरोप पर आरोप बीएसपी लगाती रही और ख़ुद खत्म होती रही और बचाव भी नहीं किया गया। सम्मेलन और प्रेस वार्ता दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज और आदिवासी परिसंघ की ओर से आयोजित किया गया । बीजेपी के सह पर फिर से कांग्रेस के ऊपर हमला बोलकर दिखा दिया कि बीएसपी बीजेपी की बी टीम है। उन्होंने कहा कि कृपया कांग्रेस को इस विवाद में न घसीटे। हम बहुजन आंदोलन बचाने के लिए कटिबद्ध हैं चाहे जो कुर्बानी देना पड़े । उदित राज ऐसा व्यक्ति है जो किसी से कभी न झूठ बोला और न कोई बेईमानी किया। सिद्धांत से कभी समझौता नहीं किया और न करूंगा।
17 फ़रवरी को लखनऊ में न्यायमूर्ति सभाजीत यादव की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में एक प्रश्न का जवाब देते हुए मैंने कहा कि बहुजन आंदोलन का गला घोंटने वाली सुश्री मायावती का गला घोंटने का समय आ गया है। उसी समय कहा कि यह एक उदाहरण है। फिर स्पष्टीकरण किया कि महाभारत काल में तलवार-भाले…
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उदित राज ने लिखा कि 17 फ़रवरी को लखनऊ में न्यायमूर्ति सभाजीत यादव की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में एक प्रश्न का जवाब देते हुए मैंने कहा कि बहुजन आंदोलन का गला घोंटने वाली सुश्री मायावती का गला घोंटने का समय आ गया है। उसी समय कहा कि यह एक उदाहरण है। फिर स्पष्टीकरण किया कि महाभारत काल में तलवार-भाले चलते थे, अब नहीं। मार-काट की भाषा बीजेपी की है हमारी नहीं। जस्टिस सभाजीत यादव ने स्पष्टीकरण किया कि उन्होंने ही मुझे प्रतीक के तौर पर अर्जुन कहा। वीडियो के एक छोटे से हिस्से को वायरल करना और झूठ फैलाना बंद हो। पूरा वीडियो देखने से सच्चाई सामने आ जाती है।
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मालवीया जी
ऐसे दलित संगठन RSS/BJP के चमचे ही होंगे। जब दलितों पर अन्याय होता है, आरक्षण खत्म हो रहा हो और डॉ अंबेडकर का अपमान हुवा हो तब किस बिल में ऐसे संगठन घुस जाते हैं ? आपकी पीड़ा समझ सकता हूँ कि अपरोक्ष बीएसपी का लाभ न मिलने का खतरा है इसलिए आप छटपटा रहे हैं । https://t.co/AHxFRn2RyR— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) February 18, 2025
उदित राज ने लिखा कि मालवीया जी ऐसे दलित संगठन RSS/BJP के चमचे ही होंगे। जब दलितों पर अन्याय होता है, आरक्षण खत्म हो रहा हो और डॉ अंबेडकर का अपमान हुवा हो तब किस बिल में ऐसे संगठन घुस जाते हैं ? आपकी पीड़ा समझ सकता हूँ कि अपरोक्ष बीएसपी का लाभ न मिलने का खतरा है इसलिए आप छटपटा रहे हैं ।
बसपा राजनीति का बीजेपीकरण हो गया है |
तथाकथित अंबेडकरवादी जाति तक तो तोड़ नहीं पाए कम से कम जातिवाद और जातीय संगठन से बाज आओ। कब तक ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के खिलाफ बोलकर लोगों को इकट्ठा करते रहोगे।आज की जरूरत है कि अपने में परिवर्तन करो। मुसलमान के खिलाफ बोलकर हिंदुओं को… pic.twitter.com/pJNw9xE3Wz
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