लखनऊ। यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन अध्यक्ष सतीश महाना (UP Assembly Speaker Satish Mahana) ने पद छोड़ने की चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि कल सदन में जो हुआ, उससे मैं आहत-दुखी हूं। मेरे मन में पीड़ा है। मुझे पहली बार लगा कि या तो हमारे प्रयास में कहीं कमी रह गई या फिर डॉ. अंबेडकर (Dr. Ambedkar) की बात सही है कि कमी संविधान में नहीं, बल्कि व्यक्तियों में होती है।
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यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन अध्यक्ष सतीश महाना ने पद छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा- कल सदन में जो हुआ, उससे मैं आहत-दुखी हूं। मेरे मन में पीड़ा है। मुझे पहली बार लगा कि या तो हमारे प्रयास में कहीं कमी रह गई या फिर डॉ. अंबेडकर की बात सही है कि कमी संविधान में…
— Gaurav Pandey (@gaurav5pandey) August 5, 2026
उन्होंने कहा कि मेरी लंबी राजनीतिक पारी अब अंतिम चरण में है। मुझे गंभीरता से विचार करना पड़ेगा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में मैंने जो किया, वह उचित था या अनुचित। उन्होंने कहा कि मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं, इस पर भी विचार करूंगा और जल्द निर्णय लूंगा।
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विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने मंगलवार की कार्यवाही पर कहा अगर उनसे किसी को तकलीफ हुई हो तो वे क्षमा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का आखिरी सत्र चल रहा है। स्पीकर ने कहा कि मैं पिछले चार साल में जैसे काम कर रहा था कि सदन की तस्वीरे बेहतर हो। मुझे पहले ही इसका पीड़ा है। विपक्ष का काम है मुद्दा उठाना और सरकार का काम है उससे सुनना। उन्होंने कहा कि पहले भी विपक्षी सदस्य बेल में आते थे, लेकिन वो बात कह कर चले गए है। पिछले चार साल में मेरी कोशिश रही है कि विधानसभा के सदन की गरिमा बरकरार रहे। मैंने ये इंगित किया है कि सदन में डॉक्टर, इंजीनियर चुन कर आए। प्रदेश के मुख्यमंत्री का सम्मान करना, ये हम सबका काम है। पार्टी से ऊपर उठ कर सम्मान करना चाहिए, लेकिन कल जो हुआ, उससे दुखी और निराशा हुई।
सतीश महाना ने अपने सियासी जीवन का अंतिम सत्र बताया। इतना ही नहीं सतीश महाना ने दोबारा जोर देकर कहा सियासी जीवन के आखिरी दौर में हूं। मेरी अपील है की पार्टी से ऊपर उठ कर विचार रखें और समझें कि आने वाले पीढ़ी को हम क्या दे रहे हैं? सतीश महाना ने कहा कि कल मेरे मना करने के बावजूद सोशल मीडिया पर सदन की कार्यवाही की फोटो खींच कर डाली। वीडियो डालना ये ठीक नहीं है। अखिलेश यादव सीएम थे, दो विधानसभा के सदस्यों ने कपड़े उतार दिए थे, तब मैंने उसी समय कहा था उस दिन की पूरे 403 सदस्यों का कपड़े उतरे हैं।