Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. UP DGP : यूपी को चार साल बाद मिला स्थायी डीजीपी, आईपीएस राजीव कृष्ण के नाम लगी मुहर

UP DGP : यूपी को चार साल बाद मिला स्थायी डीजीपी, आईपीएस राजीव कृष्ण के नाम लगी मुहर

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। यूपी को आखिरकार चार साल के इंतजार के बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है।  वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण (Rajiv Krishna)  को प्रदेश का नया पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर गहन मंथन के बाद, मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण (Rajiv Krishna) के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।  रविवार को यूपी सरकार ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : अब एक साल वकालत कर भी बन सकेंगे जज, बदले न्यायिक सेवा में प्रवेश के नियम

आईपीएस राजीव कृष्ण का जीवन परिचय

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्ण (Rajiv Krishna)  का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उनके पिता का नाम एचके मित्तल है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

पुलिस सेवा में करियर और पदोन्नति

अपनी शैक्षणिक योग्यता के बाद वे भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए। वे 1991 बैच के आईपीएस हैं और उनकी भर्ती 15 सितंबर 1991 को हुई थी। सेवा में आने के बाद 21 अक्टूबर 1993 को उनका पुष्टीकरण हुआ और 10 अक्टूबर 1995 को उन्हें सीनियर स्केल मिला। इसके बाद 9 अगस्त 2005 को वे सिलेक्शन ग्रेड में पहुंचे।

पढ़ें :- जंतर-मंतर में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोपों की जांच करेगी सुप्रीम कोर्ट की कमेटी

एक कुशल पुलिस अधिकारी के रूप में उनका करियर लगातार आगे बढ़ता रहा। वे 7 अगस्त 2007 को पुलिस उपमहानिरीक्षक और फिर 9 नवंबर 2010 को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रमोट हुए। इसके बाद 1 जनवरी 2016 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक का पदभार मिला और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के चलते 1 फरवरी 2024 को वे पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए।

राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक के रैंक पर अपनी सेवा दे रहे थे। वे उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में DGP HQRS और DG सतर्कता विभाग की कमान संभाल रहे हैं, जहां उनकी इस पद पर तैनाती 31 मई 2025 को हुई थी।

पुरस्कार और सम्मान

अपने लंबे और शानदार सेवाकाल में राजीव कृष्ण को कई प्रतिष्ठित सेवा पदकों और सम्मानों से नवाजा गया है। उन्हें पुलिस मेडल और पुलिस मेडल फॉर मेधावी सेवा जैसे सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिला है। पुलिस विभाग में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें DG का कमेंडेशन रॉल और अलग-अलग वर्षों में प्रतिष्ठित DG कमेंडेशन डिस्क के सिल्वर, गोल्ड और प्लैटिनम संस्करणों से भी सम्मानित किया गया है।

4 साल बाद खत्म होगा ‘कार्यवाहक’ का दौर

पढ़ें :- दिल्ली हाईकोर्ट की लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अहम टिप्पणी, कहा- सहमति से वयस्कों का रिश्ता शादी के समान, माता-पिता भी नहीं दे सकते दखल

यूपी में मई 2022 से कोई भी स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नहीं था। पिछले चार सालों में कई कार्यवाहक डीजीपी बदले जा चुके हैं। राजीव कृष्ण खुद 1 जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी (DGP) का पद संभाल रहे हैं, जिन्हें अब स्थायी कमान मिलने जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट का नियम और लंबा कार्यकाल

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य के स्थायी डीजीपी को न्यूनतम 2 साल का कार्यकाल मिलना अनिवार्य है। आईपीएस राजीव कृष्ण (Rajiv Krishna) जून 2029 में रिटायर होंगे। ऐसे में नियमों के मुताबिक उन्हें प्रदेश के सबसे बड़े पुलिस पद पर एक लंबा और स्थिर कार्यकाल मिलने की पूरी संभावना है।

कैसे होता है स्थायी DGP का चयन?

स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए हाल ही में (26 मई को) यूपीएससी के साथ यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल (UP Chief Secretary S.P. Goyal) और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद (Additional Chief Secretary Home Sanjay Prasad) की एक अहम बैठक हुई थी। प्रक्रिया के तहत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अधिकारियों की सीनियरिटी, अनुभव और सर्विस रिकॉर्ड को देखकर 3 नाम शॉर्टलिस्ट करता है। इसके बाद अंतिम फैसला राज्य सरकार का होता है कि वह उस पैनल में से किसे डीजीपी चुनती है।

पढ़ें :- TMC की बंपर जीत से ममता बनर्जी खेमे में जश्न का माहौल, शुभेंदु अधिकारी को लगा पहला बड़ा झटका, इस चुनाव में महज 3 सीटों पर सिमटी बीजेपी
Advertisement