नई दिल्ली। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि USS Spruance ने ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज़ को वापस ईरान लौटने पर मजबूर कर दिया। यह इस क्षेत्र में चल रही नौसैनिक नाकेबंदी के तहत की गई नवीनतम कार्रवाई है। एक्स पर एक पोस्ट में CENTCOM ने कहा कि यह घटना तब हुई जब जहाज़ ने इस हफ़्ते की शुरुआत में नाकेबंदी शुरू होने के बाद से लागू प्रतिबंधों से बचने की कोशिश की।
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बयान में कहा गया कल कल ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज़ ने बंदर अब्बास से निकलने, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने और ईरानी तटरेखा के साथ आगे बढ़ने के बाद अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश की। गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने सफलतापूर्वक जहाज़ का रास्ता बदल दिया, जो अब वापस ईरान की ओर जा रहा है। CENTCOM ने आगे बताया कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक कितनी सख्ती बरती गई है। बता दे कि आज नाकेबंदी का तीसरा दिन है। इस कारण कई व्यापारिक जहाज़ों को वापस लौटा दिया गया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर उनका पूरा नियंत्रण है। इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान के मुख्य समुद्री व्यापार मार्गों को काटकर उसकी अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करना है। आधिकारिक सैन्य संदेशों के अनुसार अमेरिकी सेना इस प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर की तत्परता बनाए हुए है।
यह तनाव एक नाज़ुक मोड़ पर बढ़ा है। जहां एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि जल्द ही कोई बड़ा समझौता हो सकता है। वहीं दूसरी ओर ओमान की खाड़ी में भारी नौसैनिक साज़ो-सामान की मौजूदगी यह बताती है कि अमेरिका तब तक दबाव बनाए रखने के लिए तैयार है। जब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो जाता। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आज पहले घोषणा की कि ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। अमेरिकी सेनाएं इस क्षेत्र के प्रमुख जलमार्गों, विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी समुद्री पकड़ बनाए हुए हैं।